मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय में कार्यशाला का हुआ आयोजन

भास्कर समाचार सेवा
आगरा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सालय आगरा चुनौती एवं मुद्दे इस विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का प्रारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ में हुआ। मुख्य अतिथि जस्टिस अरुण मिश्रा अध्यक्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग साथ में जस्टिस एमएम मित्तल सदस्य राष्ट्रीय मानव आयोग, प्रभु एन सिंह जिलाधिकारी आगरा, प्रांजल यादव सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश सरकार, रंजन द्विवेदी, देवेंद्र चौधरी संयुक्त सचिव राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, डा. ज्ञानेंद्र कुमार, निदेशक, डॉक्टर प्रशांत गुप्ता प्रधानाचार्य, एसएन. मेडिकल कॉलेज, डा. दिनेश राठौर चिकित्सा अधीक्षक, विशाल सिन्हा आदि रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा दने लंबे समय तक मानसिक व संस्थान में भर्ती रोगियों को परिवार एवं समाज में पुन: स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे रोगियों के विषय में माननीय न्यायालय से आदेश प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई करें, जिससे रोगियों के परिजन इन रोगियों को लेने के लिए बाध्य हों। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा मुफ्त कानूनी सलाह के रोगियों को प्राप्त की जा सकती है। जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा बताया गया के प्रत्येक रोगी को अपने परिवार और घर में रहने की पूर्ण स्वतंत्रता है। गंभीर मानसिक रोगियों को उचित कारण एवं समय के लिए भर्ती करना चाहिए। समाज में ऐसे कुछ संस्था, सेंटर बनाए जाने चाहिए जहां ऐसे निराश्रित रोगियों को रखा जा सके। कार्यक्रम में जस्टिस एमएम मित्तल द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की भूमि पर अतिक्रमण के विषय में चिंता जताई गई। साथ ही जस्टिस मित्तल द्वारा मानसिक स्वास्थ्य करेग देखरेख कानून- 2017 के प्रावधानों के पालन पर जोर दिया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ ज्ञानेंद्र कुमार निर्देशक मानसिक संस्थान के विषय एवं चुनौतियों के ऊपर प्रस्तुतीकरण दिया । जिस पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में देवेंद्र चौधरी संयुक्त सचिव राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ-साथ हुआ।

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