वाह रे पीडब्ल्यूडी : 25-30 लाख की पुलिया तो बनवा दी, पर सड़क से कैसे गुजरे राहगीर ?

( खबर 001 )

चित्र संख्या 001

गजब की ठेकेदारी बाईपास बनाया नही अब रोड़े डाल कर पैदा कर दी नई मुसीबत !

भास्कर ब्यूरो
जरवल/बहराइच। सरकार कोई भी जतन कर ले कितना भी बजट दे दे पर जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं पर जिम्मेदार ही पलीता लगाने से बाज नही आते। एक एसा ही नजारे की जमीनी हकीकत को हमारे “दैनिक भास्कर” ने अपने कैमरे मे कैद कर जिम्मेदारो को उसकी हकीकत दिखाने की पहल की है।


मामला जरवल विकास खण्ड के जरवल रोड़-रेवढा संपर्क मार्ग का है जहाँ पर जबदा के पास तक़रीबन 25-30 लाख रुपयों की लागत से पीडब्ल्यूडी की ओर से तीन माह पूर्व सड़क पर जलभराव को देखते हुए एक पुलिया का निर्माण करवाया गया लेकिन पुलिया बनने से पूर्व ठेकेदार ने बाई पास ही नही बनवाया ताकि बाईपास को कागजो मे दिखा कर उसका भी पैसा गुप्प कर सके। 

यही नही पुलिया के दोनों ओर सड़क पर जो अप्प्रोच बनाया जाना था उसे भी नही बनाया जिससे दर्जनों गाँव जिनमे रामनगर, बसंतपुर, गोरलिया, नौसहरा, मदरही आदि के लोग रोज मर्रा की चीजे चंद कदम की दूरी जरवल रोड़ बाजार के लिए चहला युक्त मार्ग से न जाकर 6-7 किलोमीटर की दूरी तय कर जरवल रोड़ बाजार को जाते है।जो राहगीरों के लिए “नौदिन चले अढाई कोस” से कम नही है।

पता तो यह भी चला है कि गाँव वालों ने ठेकेदार व उनके कुछ चहेते दलाल तबके लोगो से आजिज आकर गाँव से चंदा लेकर चार ट्राली मिट्टी नवनिर्मित पुलिया के दोनों ओर डलवाई लेकिन बरसाती पानी ने ग्रामीणों के इस प्रयास पर पानी फेर दिया जिससे राहगीरो की कौन कहे दो पहिया, चार पहिया वाहन यदि उधर से भूलकर भी निकल लिए तो समझो उसे डॉक्टर के यहाँ जाना तय है।रही सही कसर ठेकेदार ने पुलिया के दोनों ओर रोड़ा डाल कर एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है जिससे राहगीरो को चंद कदम के सफर को जरवल रोड़ की बाजार को 6-7 किलोमीटर की दूरी तय करके रोजमर्रा की खरीददारी करने की मजबूरी बन गई है बच्चे स्कूल भी नही जा पा रहे हैं।ऊपर से ठेकेदार रोना रो रहा है कि विभाग के पास बजट ही नही है भुगतान कैसे होगा।विभाग के इस उधारी के काम से इलाकाई लोग परेशान है इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।

 
विभाग के पास धन ही नही क्या करे-जे ई
जरवल।तीन माँह पूर्व पीडब्ल्यूडी द्वारा जरवल रोड़-रेवढा सम्पर्क मार्ग पर जबदा मे तकरीबन 25-30 लाख रुपयों की बनवाई गई पुलिया के पूर्व ठेकेदार द्वारा बाईपास न बनवाने के साथ राहगीरों को पुलिया पर गुजरने की हो रही दुश्वारियों को लेकर प्रभारी जे ई पातीराम यादव से जब जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि निर्माण इकाई के जे ई का स्थानांतरण हो गया है विभाग के पास पैसा नही है यही मजबूरी है धन उपलब्ध होते ही सारी व्यवस्था सही हो जावेगी।इस संबंध में तीन-चार बार विधायक मा.आनन्द यादव जी ने फोन किया नाराज भी हुए लेकिन विभाग के पास पैसा न होने की मजबूरी है पैसा आते ही कार्य करवा दिया।

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