खामोशी से 5 बार करें इस गुप्त मंत्र का जाप, आपके दुश्मनों का सर्वनाश कर देंगे हनुमान

ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, ऐसी ही कुछ विधाएं हैं जिनके प्रयोग से हम जीवन में आ रहे संकटों के रुख मोड़ सकते हैं.तकलीफ होने पर लोग इन शास्त्रीय उपायों का प्रयोग करते हैं, लेकिन पहले भी यदि ये उपाय किए जाएं तो परेशानी का मुख नहीं देखना पड़ेगा। खैर यहां हम आपको  कुछ शास्त्रीय उपायों की चर्चा करने जा रहे हैं. आशा है कि आपको ये उपाय पसंद आएंगे और आप इनका प्रयोग कर अपने जीवन और भी बेहतर बना सकेंगे.

आज हम आपको हानुमान जी का गुप्त मन्त्र बताने वाले है जिसे मन में 5 बार बोलने से आपके सभी दुश्मनों का नाश हो जायेगा !इस बात से तो आप सभी अवगत ही होंगें, कि हर एक मनुष्‍य में अपने भविष्य को जानने की उत्‍सुकता रहती है! क्‍योंकि मनुष्य के जीवन में गृहों की चाल का बहुत बड़ा महत्व होता है! इनकी चाल से सीधा हमारे सामान्य जीवन पर असर होता है! इसी क्रम में आज हम आपको एक ऐसी खास बाद बताने जा रहे है, जो शायद आप सभी लोग नहीं जानते है, तो आइये आपको बताते है-

Loading...

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक ऐसा मंत्र है, जिससे दूर हो जाएंगे आपके सारे दु:ख दर्द और माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहेगी, तो आपको बताते है, कि वो कौन सा मंत्र है! जीवन में समस्याओं का आना-जाना लगा रहता है! कुछ समस्याएं थोड़े समय में हल हो जाती हैं! वहीं कुछ लंबे समय तक व्यक्ति को परेशान करती हैं! ऐसी समस्यओं का हल भगवान की कृपा से ही संभव है!उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा लिखी गई श्रीरामचरित मानस में ऐसी अनेक चौपाइयां हैं! जिनके जाप से हर संकट का समाधान हो सकता है! आज हम आपको 1 ऐसी ही चौपाई के बारे में बता रहे हैं! इस चौपाई का जाप अगर पूरे विधि-विधान से किया जाए तो बड़ी से बड़ी मुश्किल का हल भी संभव है!

”जो प्रभु दीनदयाला कहावा ! आरति हरन बेद जस गाबा !!
जपहिं नामु जन आरत भारी ! मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी !
दीनदयाल बिरद संभारी ! हरहु नाथ मम संकट भारी !!”

1. प्रतिदिन कम से कम 5 माला जाप अवश्य करें! कुछ ही दिनों में इस चौपाई का प्रभाव दिखने लगेगा और आपके संकट दूर होते चले जाएंगे!

2. भगवान श्रीराम की पूजा के बाद तुलसी की माला से इस चौपाई का सच्चे मन से जाप करें!

3. भगवान श्रीराम के चित्र पर तिलक लगाएं और चावल अर्पित करें! इसके बाद शुद्ध घी का दीपक जलाएं जो जाप के अंत तक जलता रहे! भगवान श्रीराम को भोग भी अर्पित करें!

4. रोज सुबह स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें! इसके बाद एक लाल कपड़े पर भगवान श्रीराम की मूर्ति या चित्र स्थापित करें!

Loading...
loading...
E-Paper
Close

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker