मजदूर की बेटी को हेलीकॉप्टर में कराया विदा, जाते-जाते ऐसी बात बोला दूल्हा, हर कोई भावुक हो गया

भारत में आज भी कई ऐसे घर हैं जहाँ लड़की के पैदा होने के बाद घर में उतनी खुशियाँ नहीं मनाई जाती हैं जितनी कि लड़के के पैदा होने पर मनाई जाती हैं. कुछ लोग आज भी लड़कियों को बोझ ही समझते हैं. इसका एक कारण ये भी हैं कि लड़की की शादी में अक्सर माता पिता को भारी दहेज़ देना पड़ता हैं. दहेज़ के गैर कानूनी हो जाने के बाद भी आज भी ये प्रक्रिया चालु हैं. हालाँकि आज हम आपको एक ऐसी शादी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने एक बहुत बड़ी मिसाल कायम करी हैं. इस शादी में लड़के ने दहेज़ ना लेते हुए सिर्फ शगुन के रूप में एक रूपए लिए हैं. लड़के के परिवार वालो ने ऐसा क्यों किया इसके पीछे भी एक बड़ी और दिलचस्प वजह छिपी हुई हैं.

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दरअसल 10 फ़रवरी को हिसार जिले के गोहाना में संजय ने संतोष यादव नाम की एक लड़की से शादी रचाई. इस शादी को करने के लिए संजय के पिता सतबीर ने एक अनोखी शर्त रखी. उन्होंने कहा कि लड़की वालो से कहा कि शादी में हम लोग दहेज़ कतई नहीं लेंगे और साथ ही शगुन के रूप में सिर्फ 1 रुपया ही लेंगे. सतबीर का कहना हैं कि ऐसा वो इस लिए कर रहे हैं ताकि लोगो को बेटी बचाओ का सन्देश मिल सके. आजकल कई गाँवों में बेटी को बोझ समझा जाता हैं. ऐसे में इस तरह की दहेज़ के बिना शादी कर हम एक सन्देश देना चाहते हैं.

इस शादी में एक और ख़ास बात ये रही कि दूल्हा संजय शादी करने के लिए हैलिकाफ्टर में बैठ कर आया और दुल्हन को भी बिदाई के दौरान अपने साथ हैलिकाफ्टर में बैठा कर ले गया. दरअसल संजय सतबीर की एक लौटी संतान हैं. ऐसे में उसकी इच्छा थी कि वो अपनी शादी में हैलिकाफ्टर में बैठ कर ही जाए. इसलिए उसके पिता ने ये इच्छा पूरी कर दी. संजय फिलहाल बीकाम फाइनल कर रहा हैं जबकि उसकी दुल्हन संतोष संजय से भी ज्यादा पढ़ी लिखी हैं.

इस शादी को देख गाँव वाले भी हैरान रह गए. उनका कहाँ हैं कि अज तक गाँव में ऐसी अनोखी शादी नहीं देखी. वहीँ लड़की के पिता का कहाँ हैं कि संतोष उनकी बड़ी बेटी हैं. उन्हें उसकी शादी को लेकर हमेशा टेंशन रहता था. खासकर दहेज़ की रकम जुटाने का टेंशन, लेकिन उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी की शादी बिना दहेज़ के होगी और वो हैलिकाफ्टर में बैठ बिदा होगी. वे अपनी बेटी के लिए काफी खुश हैं.

गोहाना/हिसार. जिले के संजय ने संतोष के साथ बिना दहेज लिए सिर्फ एक रुपए शगुन लेकर शादी की। दुल्हन को भी हेलीकॉप्टर में लेकर गए। संजय के पिता सतबीर का कहना है कि बिना दहेज शादी करने के पीछे उद्देश्य बेटी बचाओ का संदेश देना था। ताकि लोग बेटी को बोझ न समझें। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहली बार ऐसी शादी देखने को मिली है, जिसमें न तो दहेज लिया गया और बेटी शादी के बाद दूल्हे के साथ हेलीकॉप्टर में विदा हुई।

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