सुपरस्टार रजनीकांत जनवरी 2021 में लॉन्च करेंगे अपनी पार्टी, कहा- चलें अब बदलाव करें

सुपरस्टार रजनीकांत ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत को लेकर लंबे समय से जारी सस्पेंस को खत्म कर दिया है। रजनीकांत ने कहा कि वह 31 दिसंबर को अपनी बहुप्रतीक्षित राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे और वर्षों से चल रही अटकलों को समाप्त करते हुए इसे जनवरी में लॉन्च करेंगे

रजनीकांत ने यह घोषणा अपने मंच रजनी मक्कल मंद्रम के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात के एक दिन बात की। बाद में बुधवार को, उन्होंने कहा कि वह चुनावी राजनीति के लिए अपनी योजनाओं पर जल्द ही खुद के फैसले की सार्वजनिक घोषणा करेंगे। अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “चलें अब सब कुछ का बदलाव करें, अभी नहीं तो कभी नहीं।”

सुपरस्टार ने आगे कहा, “आगामी विधानसभा चुनावों में हमारी निश्चित रूप से जीत होगी। हम लोगों को एक पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और बिना किसी धार्मिक-जातिगत भेदभाव वाली सरकार देंगे।” रजनीकांत बहुत पहले ही तमिलनाडु में लोगों को एक वैकल्पिक राजनीति देने का बात कई बार कह चुके हैं। अब उन्होंने इस दिशा में अपना सधा हुआ कदम बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि सोमवार को अपनी पार्टी के अधिकारियों से अहम बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि बैठक में जिला सचिवों के साथ उन्होंने विचार-विमर्श किया। आगे बोलते हुए रजनीकांत ने कहा था कि पार्टी नेताओं ने उनका भरपूर साथ दिया है और कहा है कि वह कोई भी फैसला लेते हैं तो सभी पार्टी नेता उनका समर्थन करेंगे।

ज्ञात हो कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु का दौरा किया था। इसके बाद बहुत तेजी से वहाँ की राजनीति में चुनाव को लेकर सभी दलों में सरगर्मी बढ़ गई। ऐसे में अब सुपरस्टार रजनीकांत का पार्टी को लेकर एक बड़ा एलान इस बात की गवाही है कि वह चुनावी जंग के मैदान में उतरने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

बता दें कि अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में रजनीकांत की राजनीति में एंट्री को लेकर संशय अब लगभग खत्म हो गया है।

गौरतलब है कि सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में पेरियारवादियों द्वारा भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) के रक्षा श्लोक को अपमानित करने वाले विवादास्पद वीडियो बनाने वाले लोगों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए तमिलनाडु सरकार की प्रशंसा की थी। मामला डीएमके-सहयोगी पेरियारवादी यूट्यूब चैनल के द्वारा भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की एक श्लोक को बेहद घटिया विवरण के साथ पेश करने का था, जिसे लेकर लोगों में नाराजगी थी।

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