पंचायत चुनाव से पहले भूमि विवाद से मुक्‍त होंगे सभी गांव, अड़ंगा डालने वाले जाएंगे जेल


-पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज
गोरखपुर।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले जिला प्रशासन हर गांव को भूमि विवाद से मुक्त करने में जुट गया है। कार्यालयों में आ रही शिकायतों को उनकी प्रकृति के अनुसार अलग किया जा रहा है। इसमें भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सूची बनाकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस समय गांवों में पुरानी रंजिश एवं भूमि विवाद से जुड़े मामलों में ङ्क्षहसा होने की भी आशंका है। जिलाधिकारी कार्यालय एवं एसडीएम कार्यालय में गांवों से शिकायतें भी खूब आ रही हैं। इन शिकायतों के निस्तारण को गंभीरता से लिया जा रहा है। सर्वाधिक जोर भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों पर है। इसके लिए राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भी बनायी जाएगी।इन मामलों का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा।

लिखित निदान करने पर जोर होगा। हर गांव में हल्का लेखपाल यह बताएंगे कि उनके क्षेत्र में आने वाले गांव भूमि विवाद से मुक्त हो गए हैं। पुरानी रंजिश का पता लगाने की जिम्मेदारी भी हल्का लेखपाल, हल्का कांस्टेबल एवं थानाध्यक्ष को दी जा रही है। इस तरह की व्यवस्था बनायी जाएगी कि कोई हिंसा न होने पाए। प्रशासन इस बात को मान रहा है कि गांव में छोटे-छोटे विवाद बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। चुनाव को देखते हुए असलहा जमा करने को भी कहा गया है। इस समय लाइसेंस धारकों को नोटिस भेजकर असलहा जमा करने को कहा जा रहा है। प्रशासन पिछले एक साल में बिके कारतूसों का सत्यापन करने में जुटा है।

अड़ंगा डालने वाले जाएंगे जेल

भूमि विवाद के मामलों को नियमानुसार सुलझाया जाएगा। नियम के विपरीत जाकर इसमें अड़ंगा डालने वाले लोगों को जिला बदर किया जाएगा। उनपर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की भी तैयारी है।

शुरू हो गई आरक्षण आवंटन की प्रक्रिया

पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत प्रधान, क्षेत्र पंचायत वार्ड, जिला पंचायत वार्ड, ग्राम पंचायत वार्ड एवं ब्लाक प्रमुख के पदों पर आरक्षण आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को इस काम में लगाया गया है।

कोट :
जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पाण्डियन का कहना है कि पंचायत चुनाव में भूमि विवाद व पुरानी रंजिश के मामलों में बड़ी घटना की आशंका रहती है। कई शिकायतें भी आ रही हैं। सभी शिकायतों को छांटकर उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग किया जा रहा है। अभियान चलाकर चुनाव से पहले सभी विवादों का निपटारा करने का प्रयास है। यदि इसमें कोई अड़ंगा डालेगा तो उसे जेल भेजा जाएगा।

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