बिजनौरः नरभक्षी बाघ से ग्रामीणों ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, दहशत का माहौल


शहजाद अंसारी
बिजनौर। रामगंगा नदी खादर इलाके में नरभक्षी बाघ की आमद से किसानों में हड़कम्प मच गया। लोगो ने पेड़ों पर चढ़कर नरभक्षी बाघ से अपनी जान बचाई जिस कारण इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है। नरभक्षी बाघ के आबादी के समीप दिखाई देने से किसान अपने खेतों पर भी जाने से कतरा रहे हैं।


जनपद बिजनौर का रामगंगा नदी खादर क्षेत्र आरक्षित वन क्षेत्र की सीमाओं से घिरा हुआ होने के कारण अत्यंत बीहड़ क्षेत्र है जिस कारण आए दिन जंगली जानवरों द्वारा तरह तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है इसी के चलते हुए बीते दो-तीन दिनों से नरभक्षी बाघ का आतंक रामगंगा नदी खादर क्षेत्र के लोगों के लिए परेषानी का सबब बना हुआ है।

बताते चलें कि गत 29 दिसंबर 2020 को नरभक्षी बाघ द्वारा थाना बढापुर क्षेत्र के गांव मदपुरी निवासी एक 14 वर्षीय किशोर वासु को भी मौत के घाट उतार दिया था और अब बीते दो-तीन दिनों से नरभक्षी बार लगातार आबादी के नजदीक दिखाई दिए जाने से ग्रामीणों में किसानों में दहशत का माहौल है। गांव मदपुरी, भोगपुर, चंपतपुर चकला, वीरभान वाला के दर्जनो ग्रामीणों ने बताया कि नरभक्षी बाघ खेत में काम कर रहे लोगों पर घात लगाकर बैठा था कि अचानक एक किसान की निगाह पडने पर शोर मचाया गया जिसके चलते नरभक्षी बाघ ने वहीं पर दहाडना शुरू कर दिया। खौफजदा किसानों एवं ग्रामीणों ने पेड़ों पर चढ़कर नरभक्षी बाघ से अपने आप को बचाया। इस संबंध में साहूवाला रेंजर वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि लोगो की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है वन क्षेत्र में गस्त बढा दी गई है।

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