मुख्यमंत्री से मिला कमलेश तिवारी का परिवार, सुरक्षा मुहैया कराने समेत 11 मांगें रखीं सामने

 

– मामले की जांच के बारे में जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री ने डीजीपी ओपी सिंह को तलब किया
– हत्याकांड की जांच एनआईए से कराने, बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग
– परिजनों ने सुरक्षा मुहैया कराने समेत 11 मांगें सीएम के सामने रखीं

लखनऊ । राजधानी में क़त्ल किये गए हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी का परिवार रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। परिजनों ने हत्याकांड की जांच एनआईए से कराने, बेटे को सरकारी नौकरी और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने समेत 11 मांगें सीएम के सामने रखीं हैं। इधर इस हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने लखनऊ के लालबाग स्थित होटल खालसा से खून से सने भगवा कपड़े और एक बैग बरामद किया है। माना जा रहा है कि इन्हीं कपड़ों को पहनकर हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया था। कमलेश तिवारी के कार्यालय पर भी पुलिस ने तफ्तीश की। इस मामले की जांच के बारे में जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री ने डीजीपी ओपी सिंह को तलब किया है।

रविवार सुबह कमलेश तिवारी की मां, पत्नी और उनका बेटा सीएम योगी से मुलाकात करने के लिए सीतापुर से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए कमलेश तिवारी की मां, पत्नी और बेटा आज दोपहर उनके लखनऊ स्थित आवास पर मिलने पहुंचे। कमलेश तिवारी के परिजनों ने 11 मांगों का पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपकर मांग की है कि खुर्शीद बाग का नाम बदलकर कमलेश बाग रखा जाय और साथ ही वहां कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगायी जाये। इसके साथ ही परिवार की सुरक्षा, बेटे को सरकारी नौकरी, लखनऊ सदर में सरकारी आवास देने की भी मांग की गई।

इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से बेटे को असलहा का लाइसेंस बनाया जाय। पूरे हत्याकांड की जांच एसआईटी और एनआईए द्वारा करायी जाये, यह जांच आईजी स्तर के उच्चाधिकारी के अधीन हो। परिजनों को 48 घंटे के भीतर सुरक्षा मुहैया कराया जाये। परिवार की मांग है कि उनके और कमलेश के समर्थकों के बयान एडीएम एवं अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त टीम द्वारा दर्ज किये जाएं। कमलेश के हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी करके फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। लगभग 40 मिनट चली इस मुलाकात में कमलेश तिवारी के परिवार ने आर्थिक सहायता देने समेत 11 मांगे रखी हैं। परिवार का कहना है कि 40 मिनट तक हुई बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमलेश तिवारी के परिजनों की सभी मांगे मान ली हैं। इसके बाद कमलेश के बेटों ने मुख्यमंत्री के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

कमलेश की पत्नी ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके पति के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी और उनके परिवार के साथ न्याय किया जाएगा। किरण ने कहा, “सीएम योगी ने हमें आश्वासन दिया कि न्याय किया जाएगा। हमने हत्यारों को मौत की सजा देने की मांग की। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उन्हें सजा जरूर दी जाएगी।”

होटल से बरामद भगवा कपड़े

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इधर इस हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस ने लखनऊ के नाका इलाके में स्थित खालसा होटल के कमरा नम्बर जी- 103 से कमलेश तिवारी के हत्यारों का सामान, खून से सने भगवा कपड़े, लाल कुर्ता और एक बैग बरामद किया है। पुलिस का मानना है की लखनऊ आकर इस होटल में हत्यारे रुके थे। इसी कमरे में भगवा ड्रेस पहनकर हत्या करने के मकसद से निकले थे।

वारदात को अंजाम देने के बाद वापस होटल आकर खून से सने कपड़े और बैग छोड़कर फरार हो गए। पुलिस टीम को खून से सने भगवा कुर्ता के अलावा मोबाइल फोन, सेविंग किट और बैग मिले हैं। होटल के मैनेजर के मुताबिक होटल खालसा का कमरा शेख अशफाक और पठान मोइनुद्दीन अहमद के नाम की आईडी से बुक किए गए थे। 17 अक्टूबर की रात ये लोग 11ः08 मिनट पर होटल आए। 18 अक्टूबर को सुबह 10ः38 बजे चले गए।

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इसके बाद फिर एक बजकर 21 मिनट पर वापस आए और एक बजकर 37 मिनट पर फिर वापस चले गए। इसके बाद वापस नहीं लौटे। पुलिस के मुताबिक इन लोगों के 18 अक्टूबर को सुबह 10ः38 बजे होटल से जाने और एक बजकर 21 मिनट पर वापस आने के बीच ही कमलेश तिवारी की हत्या हुई है। 1.20 बजे होटल वापस लौटने के बाद दोनों संदिग्ध मात्र 17 मिनट रुके और इसी बीच कपड़े बदलने के बाद 1.37 बजे होटल से चले गए और फिर नहीं लौटे।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने कहा कि हम लोग गुजरात और महाराष्ट्र एटीएस के संपर्क में हैं। एसआईटी चीफ से बातचीत करके इस विवेचना को आगे बढ़ाने के लिए हम लोग एक रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कैद महिला से भी पूछताछ जारी है, हम लोग सभी बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। हमारी एक टीम सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुये है।

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