सीतापुर में फेल साबित हो रहीं हैं निगरानी समितियां, सुबह-शाम बढ़ रहे हैं हॉटस्पॉट

— सब्जी आढ़ती के पॉजिटिव मिलने से लोगों में हड़कम्प, खंगाली जा रही हिस्ट्री

सीतापुर, । जनपद में कोरोना के बढ़ते मरीज और धड़ाधड़ घोषित होते हॉटस्पॉट लोगों के लिए चिंता का सबब बनते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग पैनी नजर रखते हुए अब नई रणनीति के साथ काम कर रहा है। सोमवार देर रात्रि मिले दो पॉजिटिव मामलों के बाद मंगलवार सुबह दो और हॉटस्पॉट बन गए। जनपद में अब हॉटस्पॉट 11 हो गए हैं। वहीं, संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 58 हो चुकी हैं। इनमें एक्टिव 12 मामलों में 8 सीतापुर कोविड एल—1 हॉस्पिटल में तथा शेष चार लखनऊ में भर्ती हैं। रात्रि मिले दो मामलों में एक नगर व एक ग्रामीण क्षेत्र से है। 


नगर में एक सब्जी व्यवसाय से जुड़े बड़े आलू आढ़ती के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सब्जी व्यवसाय से जुड़े लोगों में हड़कम्प मचने के बाद प्रशासन ने थोक सब्जी मंडी परिसर को सील कर दिया है। तो वहीं खैराबाद के ग्राम चिलवारा में राजस्थान से आई एक महिला कोरोना पाजिटिव निकली है। दो दिन पूर्व बढ़ रहे मरीजों को लेकर “मीडिया” ने “दिल्ली व बाहर से आने वाले लोग बने चुनौती” खबर के माध्यम से जनपदवासियों को सचेत भी किया था। स्वास्थ्य विभाग ने खबर का संज्ञान लेते हुए रविवार व सोमवार की देर रात तक ट्रेन व बसों के माध्यम से प्रसाशन व पुलिस के सहयोग से दिल्ली व बाहर से आने वाले लोगों को क्वारण्टाइन कर उनकी कोरोना जांच सैम्पलिंग कराई। बाहर से आने वाले लोग सीधे घर पहुंच कर स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बन रहे थे। सीएमओ डॉ. आलोक वर्मा की माने तो यह अभियान अब निरंतर चलेगा, लोगों को अब बिना जांच कराए सीधे घर जाने से रोका जाएगा।  

फेल साबित हो रहीं हैं निगरानी समितियां 

लगातार बढ़ रहे मरीज व हॉटस्पॉट को लेकर कोरोना के प्रचार प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बनाई गयी निगरानी समितियों की सक्रियता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पिछले 24 घण्टे में पांच पॉजिटिव मामले मिलने के बाद प्रशासन ने धड़ाधड़ पांच हॉटस्पॉट घोषित कर दिए। मंगलवार सुबह खबर लिखे जाने तक जनपद में कुल 11 हॉटस्पॉट हो गए हैं। इनमें छह अकेले नगरीय क्षेत्र के शेखसराय कजियारा हुसैनगंज, मुंशीगंज व चौधरी टोला, मिरदही टोला, और गोडियाना मोहल्ला शामिल हैं, शेष ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। लगातार बढ़ रहे मामलों में कुछ तो ऐसे हैं जो बाहर से एकांतवास हुए बिना जांच कराए सीधे अपने घर-गांव पहुंच रहे थे। इस कारण बाहर से आने वालों की जानकारी के लिए बनाई गई निगरानी समिति पर लोगों द्वारा सवालिया निशान भी लगाए जा रहें हैं।


जानकारों का कहना है कि कोरोना की गंभीरता को देखते हुए बनी यह निगरानी समितियां बिल्कुल फेल साबित हो रही हैं। लोगों का तो यहां तक कहना है कि यह समितियां केवल कागजों पर ही बनाई गई हैं। ग्राम प्रधानों व आशा बहुओं के सहारे बनी इन समितियों का आलम यह है कि गांव में बाहर से आने वाले लोग कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं और समितियां मूक दर्शक बनी हुई हैं।
सुबह-दोपहर-शाम बढ़ रहे हैं हॉटस्पॉट

जनपद में हॉटस्पॉट घोषित करने का आलम यह है कि जैसे किसी मरीज को चिकित्सक द्वारा सुबह, दोपहर, शाम टैबलेट लेने की सलाह दी जाती है। ठीक उसी तर्ज पर जिला प्रशासन भी हॉटस्पॉट घोषित कर रहा है। चिंता का विषय यह है कि फिर भी लोग जागरुक नहीं हो रहे हैं।मंगलवार सुबह ही बने दो हॉटस्पॉट के पहले सोमवार को मुंशीगंज व गोडियाना टोला घोषित हुआ था। हालात ये है कि 21 जून दोपहर को प्रशासन ने परसेंडी क्षेत्र के ग्राम उदयपुर को रूप से हॉटस्पॉट घोषित किया तो वही उसी दिन शाम को मुंशीगंज इलाके को भी प्रशासन ने हॉटस्पॉट घोषित कर दिया है। मुंशीगंज हॉटस्पॉट घोषित किए 12 घंटे भी नहीं बीते थे कि उसके बगल का मोहल्ला गुड़ियाना टोला भी प्रशासन ने हॉटस्पॉट घोषित कर दिया। इससे पहले नगर में ही 20 जून को हुसैनगंज मोहल्ले को शाम 4 बजे हॉटस्पॉट घोषित किया गया।

वही 4 दिन पूर्व नगर में ही मोहल्ला चौधरी टोला को भी हॉटस्पॉट घोषित किया गया। यहां भी दिल्ली एयरपोर्ट से आया हुआ एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकला था। वहीं 20 जून को ही प्रातः 6 बजे प्रशासन ने गोंदलामऊ ब्लॉक के ग्राम कोठार को भी अस्थाई रूप से हॉटस्पॉट घोषित किया। अकेले नगर क्षेत्र में ही एक सप्ताह में पांच हॉटस्पॉट घोषित होने से नगरीय क्षेत्र के लोगों में कोरोना को लेकर खौफ बढ़ता जा रहा है। तो वहीं प्रशासन व स्वास्थ विभाग इस बात से परेशान है। बढ़ते हॉटस्पॉट को देखकर अब लोग निगरानी समिति पर सवाल जरूर खड़े कर रहे हैं कुल मिलाकर प्रशासन के लिए बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्रदेश के अन्य जनपदों की अपेक्षा सीतापुर में कोरोना के बढ़ रहे मरीजों की संख्या को संतोषजनक मान रहा है। मानना है कि अन्य जनपदों की अपेक्षा सीतापुर में मरीजों की संख्या कम है।

निगरानी समिति फेल नहीं — सीएमओ 

मुख्य चिकित्साअधिकारी डॉ. आलोक वर्मा से मीडिया ने जब इस मामले पर सवाल किया तो उन्होंने कहा की निगरानी समिति फेल नहीं है, सक्रियता की कमी हो सकती है। लोगों को भी जागरूक रहने की जरूरत है, इस आपदा में नागरिक भी प्रशासन व स्वास्थय विभाग का साथ दें। वहीं दो दिन पूर्व जनपद में बाहर से आने वालों पर मीडिया की खबर के बारे में उन्होंने कहा कि लोग सीधे घरों पर पहुंच रहे थे, अब उन्हें रोका जाएगा। कल देर रात रेलवे स्टेशन पर ऐसे 65 लोगों को चिन्हित किया गया है जो बाहर से आए थे। उन्हें क्वॉरेंटाइन कर जांच के सैंपल लिए गए हैं।अब रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें घर वापस जाने दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि यह अभियान निरंतर चलेगा।


सब्जी आढ़ती के पाजिटिव निकलने से सकते में जिला प्रशासन

गल्ला मंडी स्थित थोक सब्जी मंडी परिसर को मंगलवार सुबह पूरी तरीके से सील कर दिया गया है।सब्जी व्यवसाय से जुड़े बढ़े आढ़ती के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सकते में हैं। लोगों में भी सब्जी को लेकर दहशत हो गई है। पूरे परिसर को सील करने के साथ-साथ वृहद स्तर पर सैंपलिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। शहर कोतवाल अंबर सिंह ने मीडिया से बताया कि रात्रि 12 बजे ही मंडी परिसर को पूरी तरीके से सील कर दिया गया है। चूंकि मामला सब्जी व्यवसाय से जुड़े बढ़े आढ़ती के कोरोना पॉजिटिव निकलने से पूरी सतर्कता बरती जा रही है। 

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