समूह के माध्य्म से की जा रही श्री विधि से धान की खेती..

मोतीपुर/बहराइच l उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा संचालित महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत समूह की महिलाओं को  श्री विधि से धान  की खेती करने की ट्रेनिंग परियोजना के अंतर्गत कई बार दी जा चुकी है l जिससे वह काफी कुछ सीख कर कम लागत में खेती करना शुरू कर दी है और लाभ ले रही है।
जिला मिशन प्रबंधक राहुल ने बताया कि एमकेएसपी के अंतर्गत मिहींपुरवा मे श्री विधि से धान की रोपाई शुरू की गई है जिसमें मिशन का उद्देश्य समूह की महिलाओं वह समस्त गांव वासियों को इस विधि की जानकारी देना एवं कम लागत में धान की अधिक पैदावार करवाना है खंड विकास अधिकारी मिहींपुरवा चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि 104 क्रषि सखी व पशु सखी विकास खंड में कार्य कर रही है | जो खरीफ सीजन शुरू होते ही धान की रोपाई शुरू कर दी है जो की मिशन के उद्देश्यो को सार्थक बना रही है।
यंग प्रोफेशनल आशुतोष सिंह ने बताया कि जैसा मुझे उच्च अधिकारियों के द्वारा बराबर आदेशित किया जाता है उसी क्रम में  एम के एस पी के कार्यो का निर्वहन किया जा रहा है खरीफ का सीजन शुरू होते ही क्रषि सखी के द्वारा श्री विधि से धान की रोपाई करवाना शुरू कर दी गई   है । इस विधि से धान की रोपाई करने से धान की फसल अधिक उपज देती है और फसल तेज हवाओं के चलने से भी नही गिरती है जिससे फसल का नुकसान नही होता है यह बात अब संमूह की दीदियाँ समझ रही है और धान की रोपाई श्री विधि से करने लगी है यह कार्य 54 गांवो में किया जा रहा है ।

एल एच पी आर पी  शिव बचन कुमार ने बताया कि मेरी समूह की महिलाओं से अपील है की वह श्री विधि से लगे धान में   जैविक कीट नाशक व जैविक खाद  का उपयोग करे जिससे खेती करने में कम लागत आये और मिट्टी की उत्पादकता के साथ साथ उपज भी बढे।
अंजली ने बताया कि यह विधि धान की खातिन बहुत बढ़िया है इहम्मा धान व्यास  अच्छा लियत है।
माया कहती है कि पिछली बार हम लगाये थे हमारे जैसा धान को हिक नही था l
क्रषि सखी माधुरी, मीना, नीरा, हिरन परी, उर्मिला, नेहा, अमीना, अनुराधा, अनीता, रीता, उषा, पिंकी, पूनम के द्वारा अभी तक 63 बीघे में श्री विधि से धान की रोपाई कराई जा चुकी है जो सराहनीय है l

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