बहराइच के पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी की साली बनी पीसीएस अधिकारी

सहायक अध्यापिका कोमिल पीसीएस में चयनित ! बढ़ाया जिले का मान

जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बनने पर परिवारी जन हुए गदगद

गुरुजनों के साथ माता-पिता के अलावा अपने पति व जीजा तथा दीदी जो असिस्टेन्ट कमिश्नर वाणिज्य कर लखनऊ मे है उन्हे कोमिल ने अपना आदर्श बताया

बहराइच l कहते है हौसलों की उड़ान मे पंख की जरूरत नही होती यदि किसी भी मुकाम पर पहुँचने की लगन है तो मंजिल मिलने मे देर नही लगती कुछ ऐसा ही जनपद के रिसिया के एक छोटे से विद्यालय मे सहायक अध्यापिका कोमिल द्विवेदी अपनी मेहनत व लगन से लोहा मनवा दिया है। जिले के रिसिया ब्लॉक में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत कोमिल द्विवेदी ने 2018 की पीसीएस परीक्षा में चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है साथ ही यह साबित किया है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती बहराइच के पूर्व  बेसिक शिक्षा अधिकारी व वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक सुल्तानपुर एस के तिवारी की  साली  श्रीमती कोमिल द्विवेदी  ने दैनिक भास्कर से एक मुलाकात में  कहा कि मूल रूप से रामगढ़ तहसील लंभुआ जिला सुल्तानपुर की रहने वाली  हैं l सुल्तानपुर  के जय भारत इंटर कॉलेज से हाई स्कूल एवं इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से  स्नातक किया वर्तमान में दर्शनशास्त्र का शोध कर रही हैं वह इस समय बहराइच के रिसिया ब्लॉक में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात हैं सहायक अध्यापक के पद पर काम करते हुए उन्होंने अथक प्रयास और लगन के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखी और ईश्वर ने  उनकी  सुनी  पीसीएस परीक्षा 2018 में उत्तीर्ण होकर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर चयनित हुई हैं l एक प्रश्न के उत्तर में श्रीमती  द्विवेदी ने कहा कि  इसका श्रेय उनके पति ह्रदयेश दृवेदी, माता राजेश्वरी दृवेदी, पिता सुभाष दृवेदी, जीजा एवं उनकी बड़ी बहन (असिस्टेंट कमिश्नर सेलटेक्स) सुप्रिया द्विवेदी  को जाता है वह सभी के आभारी हैं l

Back to top button
E-Paper