इंदौर की तर्ज पर साहिबाबाद सब्जी मंडी के कूडे़ से बनेगी जैविक खाद और बिजली

-मंडी परिषद ने उप्र शासन को भेजा प्लांट लगाने का प्रस्ताव
-प्रदेश शासन के प्रतिनिधि मंडल ने इंदौर माॅडयूल का किया था अध्ययन

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गाजियाबाद। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो बहुत जल्द एशिया की प्रमुख मंडियों में से एक साहिबाबाद नवीन फल एवं सब्जी मंडी से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण स्मार्ट सिटी इंदौर की तर्ज पर शुरू हो जाएगा। इस कूड़े से मशीनों द्वारा जैविक खाद के साथ साथ-साथ बिजली भी बनाई जाएगी। इसको लेकर मंडी परिषद प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में परिषद ने एक प्रस्ताव बनाकर प्रदेश शासन को भेजा है।

दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित साहिबाबाद नवीन फल एवं सब्जी मंडी में प्रतिदिन जहां करोड़ों का कारोबार होता है वहीं यहां से 10 से 15 मीटि़क टन गीले कूडे़ का उत्सर्जन होता है। अभी तक कूडे़ का निस्तारण कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी बल्कि सालाना ठेका छोड़कर कूडे़ का उठान होता था,लेकिन इस दौरान कूडे़ की डंपिग को लेकर दिक्कत आती थी। जिसके कारण मंडी में लाख जतन करने के बाद भी कूड़े की दिक्कत बनी हुई थी। मंडी परिषद के सचिव विश्वेंद्र कुमार ने आज बताया कि पिछले दिनों कूड़ा निस्तारण प्रबंधन के अध्ययन के लिए प्रदेश शासन से एक प्रतिनिधिमंडल इंदौर गया था।

अध्ययन के दौरान पता चला कि वहां पर कूड़ा निस्तारण के लिए कूड़ा स्थल पर ही अत्याधुनिक प्लांट लगे हुए हैं, और कूडे़ से ही जैविक खाद और बिजली का उत्पादन हो रहा है। इंदौर के इस माॅडयूल पर ही प्रदेश शासन ने जिले से इस संबंध में प्रस्ताव मांगा था। जिसके बाद उन्होंने प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही इस सिलसिल में शासन से हरी झंडी मिल जाएगी और साहिबाबाद फल एवं सब्जी मंडी से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण अत्याधुनिक पद्वति से हो सकेगा।आपको बता दें कि साहिबाबाद फल एवं सब्जी मंडी एशिया की प्रमुख मंडियों में से एक है। जहां न केवल भारत बल्कि दूसरे देशों मसलन अफगानिस्तान, बंगादेश, बर्मा, बंगलादेश चीन, नेपाल आदि से भी मौसमी फल, सब्जी आते हैं।

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