भण्डारे के साथ हुआ श्रीमद-भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का समापन

भागवत कथा सुनने के लिए देवता भी लालाइत रहते है-अवधेश

कृष्ण जन्म देख गदगद हुए श्याम प्रेमी नाचने पर हुए मजबूर

भास्कर न्यूज
जरवल/बहराइच l श्रीमद् भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य के पापों का नाश होता है।क्षेत्र में कहीं पर भी श्रीमद् भागवत कथा चल रही हो तो यह हमारा कर्तव्य बनता है उसको सुनने के लिए हमें वहां जाना चाहिए। श्रीमद् भागवत महापुराण से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है जैसे अपनी जीवन जीने की शैली, अपने माता पिता एवं गुरु जन तथा वरिष्ठजनों के साथ व्यवहार, आपसी प्रेम व्यवहार, अपने धर्म के प्रति विश्वसनीयता, सहित और भी सामान्य जीवन जीने की कला हमें श्रीमद् भागवत कथा से मिलती है। यह बातें नगर पंचायत जरवल के गल्ला मंडी में चल रही श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के अंतर्गत कथावाचक पंडित अवधेश कुमार शुक्ला भागवत महत्म के बारे में बताते हुए कहा। उन्होंने कहा पुरुष वर्ग से ज्यादा महिलाओं में धार्मिक जागरूकता प्रबल होती है आज के युग में नारी शक्ति को बढ़ावा देना और अपने धर्म के प्रति विशेष तौर पर आस्था रखना चाहिए। भगवान की भक्ति करने के लिए बड़े-बड़े संतो ऋषि-मुनियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

हम तो मनुष्य मात्र हैं यह हमें सोचना है कि हम किस प्रकार की भक्ति करें। ईश्वर उपासना में हम अपने समयानुसार कर सकते हैं। गल्ला मंडी में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के समापन अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम वह भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव की सजीव कथा का वर्णन चित्रण किया गया। कथावाचक की शैली को लोगों ने खूब सराहा काफी संख्या में भीड़ भगवान के जन्म में उपस्थित रहे। उक्त धार्मिक अनुष्ठान मे भण्डारे का भी आयोजन किया गया।कथा के मुख्य यजमान विजय कुमार कसौधन व उनकी धर्मपत्नी मधु गुप्ता ने आते हुए सभी लोगों का आभार प्रकट करते हुए प्रसाद वितरण किया।

इस अवसर पर लवकुश गुप्ता मनोज कुमार गुप्ता रंजन कसौधन मदनलाल कसौधन सुनील कुमार लल्लन प्रमोद कुमार कसौंधन राजेश कुमार कसौधन त्रिवेणी कसौधन दीपक कुमार गुप्ता सूरज कसौधन सहित सैकड़ों महिलाएं व पुरुष उपस्थित रहे।

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