अभ्युदय योजना से जोड़ेंगे शहीद, सेवारत व पूर्व सैनिकों के बच्चों को: योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां अपने सरकारी आवास पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग तथा युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश की सीमा की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों के आश्रितों, सेवारत और पूर्व सैनिकों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। ऐसे मामलों के लिए एक डेडिकेटेड पोर्टल तैयार किया जाए और उसे आई0जी0आर0एस0 से इण्टीग्रेट करें।

मुख्यमंत्री जी ने सैनिक कल्याण विभाग में रिक्त पदों को यथाशीघ्र भरने का निर्देश देते हुए कहा कि सेवानिवृत्त जवानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। शहीद सैनिकों के आश्रितों का सेवायोजन शीघ्र किया जाए। जिला सैनिक बंधु के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह समिति हमारे सैनिकों की समस्याओं के समाधान में काफी सहायक है। इसकी बैठक हर माह नियमित रूप से होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी के साथ पुलिस कप्तान भी मौजूद रहें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की सुरक्षा में वीरगति प्राप्त होने वाले शहीदों के आश्रितों को 50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने वाला उत्तर प्रदेश इकलौता राज्य है। इस राशि को देने में किसी भी तरह का विलम्ब न हो। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सड़कों और अमृत सरोवरों का नामकरण प्रदेश के शहीदों के नाम पर किया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम में सेवायोजित कर्मियों की पुत्रियों के विवाह के लिए दी जाने वाली 30 हजार रुपये की राशि को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शहीदों, सेवारत और पूर्व सैनिकों के बच्चों को मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग से जोड़ा जाए।


मुख्यमंत्री जी ने युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए एक मॉडल बनाकर जनपदों में स्टेडियम के निर्माण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक-एक स्टेडियम हो। अगर जनपद में जमीन उपलब्ध हो, तो स्टेडियम पी0पी0पी0 मोड पर बनें, इसके लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम और गांव में खेल के मैदान के निर्माण को मातृभूमि योजना से जोड़ा जाए। गांवों के खेल कूद की गतिविधियों को प्रोत्साहित करें। इससे हमारे ग्रामीण क्षेत्र के युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे।

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