अलर्ट : साइबर ठगों ने दो बैंकों की 3 शाखाओं को बनाया निशाना, जाँच में जुटी पुलिस

राजधानी जयपुर में साइबर ठगों ने दो बैंकों की 3 शाखाओं को निशाना बनाते हुए दो बैंकों की तीन शाखाओं से एक करोड़ रुपये की ठगी की है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

जयपुर. राजधानी जयपुर में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है. इसमें ठगों ने किसी व्यक्ति को निशाना न बनाकर बैंक को ही एक करोड़ का चूना लगा दिया है. ठगों ने टोंक रोड स्थित एक नामी ऑटोमोबाइल फर्म का फर्जी लेटर हेड तैयार किया. उस पर जाली हस्ताक्षर कर ई-मेल के जरिए दो बैंकों की तीन अलग-अलग ब्रांच को लेटर भेजकर अलग-अलग खातों में आरटीजीएस के जरिए एक करोड़ रुपए ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट भेजी.ई-मेल पर आरटीजीएस की रिक्वेस्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित बैंक की ब्रांच ने भी रिक्वेस्ट को फर्म से बिना वेरीफाई किए उन खातों में एक करोड़ रुपए की राशि आरटीजीएस के माध्यम से संबंधित खातों में ट्रांसफर कर दी. ठगी की जानकारी पुलिस को दी गई जिसके बाद मामले की तफ्तीश की जा रही है.  

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को लगाया चूना

डीसीपी क्राइम दिगंत आनंद ने बताया कि साइबर ठगों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दो शाखाओं और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा को ठगी का शिकार बनाया है. ठगी के तीनों ही प्रकरणों में ठगों ने एक ही पैटर्न का इस्तेमाल किया है और बैंक की तीनों की शाखाओं में ईमेल के जरिए जयपुर की नामी ऑटोमोबाइल फॉर्म के फर्जी लेटर हेड पर अलग-अलग राशि अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करने की रिक्वेस्ट भेजी है. ठगी के मामले को देखते हुए राजधानी जयपुर में 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. वहीं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की संसार चंद्र रोड स्थित ब्रांच के एजीएम की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत की जांच साइबर थाना पुलिस कर रही है. 

26 लाख रुपए की राशि बैंक ने करवाई होल्ड

डीसीपी क्राइम दिगंत आनंद ने बताया कि जब संबंधित बैंक के अधिकारियों को इस बात की जानकारी लगी कि जिन बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से रुपए ट्रांसफर किए गए हैं, वह खाते फर्जी हैं तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ. बैंक ने ट्रांसफर की गई राशि को होल्ड करने का प्रयास किया लेकिन एक करोड़ रुपए में से बैंक केवल 26 लाख रुपए की राशि ही होल्ड करवा सके. शेष राशि ठगों ने अपने एक खाते से आगे विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ली थी. फिलहाल जयपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ठगी के इस अनोखे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और ट्रांजैक्शन डिटेल व ईमेल के आईपी ऐड्रेस के आधार पर बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी हुई है.

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