इस लड़की ने जो झेला उसने समाज को किया नंगा, देखकर आएगा बहुत गुस्सा

कहते है भारत देश में नारियो को देवी के सामान पूजा जाता है और उन्हें देवी ही समझा जाता है, परन्तु यार यह सब बाते किताबो में ही अच्छी लगती है, क्यूंकि यहा पर सिर्फ अच्छी बाते बोली जाती है उनका अनुसरण नहीं किया जाता है। पिछले दिनों जिस प्रकार से देश के अलग – अलग प्रांतो से बलात्कार की खबरे सामने आ रही है। उसने ना सिर्फ अपराध की बढ़ती दर को दिखाया है और समाज के सामने एक बहुत बड़ा प्रश्न भी खड़ा किया है। क्या आपके घर की महिलाये भी सुरक्षित है? हम लोग यह खबरे समाचार की तरह पढ़कर छोड़ देते है और कुछ लोग लड़की को दोष देते है की उसने छोटे कपडे पहने थे इसलिए हुआ। मुझे तो लगता है ,की जब अपना संविधान लिखा जा रहा था, तो लिखने वाले ने एक लाइन मज़ाक में लिख दी थी। भारत में रहने वाला हर व्यक्ति को समानता का अधिकार है …. घंटा अधिकार है।

क्या कपड़े किसी के चरित्र का निर्धारण करते है?

हमारे जैसे लोग किसी के कपडे से उसका चरित्र का निर्धारण कर लेते है की वो कैसे हैं। और हम भी जिम्मेदार है ऐसी घटनाओ के लिए। फुद्दू कलाकार के टीम ने इस मुद्दे पर एक वीडियो बनाई है जो की सराहनीय कार्य किया है उस वीडियो में बता गया है की।

बलात्कार के लिए आखिर दोषी कौन?

मेरे अनुसार जब भी कोई ऐसी घटना होती है तो उसके लिए हम सब ही जिम्मेदार होते है , क्योंकि हम भी कही गलत होते हुए देखते है, तो उसके लिए आवाज़ न उठा कर हम भयभीत हो जाते है और उस गलत कार्य के लिए आवाज़ नहीं उठा पाते है।

पहले खुद को सुधारना होगा

जब तक हम नहीं सुधरेंगे तब तक हम नहीं सुधरेंगे तब तक हम किसी से उम्मीद भी नहीं कर सकते की आवाज़ उठाये और ना ही किसी और को गलत ठहरा सकते है ।

सेक्स भी मनोरंजन बन गया है?

जी हां सेक्स भी मनोरंजन बन गया है उदाहरनार्थ अब हमारे दूरदर्शन को ही लेते है लगभग सभी विज्ञापन प्रचार या समाचार या चलचित्र में सेक्स इतना आवश्यक हो गया है कि अब इनके बिना मनोरंजन की कोई सम्भावना नहीं है। इस पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को ठोस कदम उठाने पड़ंगे और हमे इसका बहिस्कार करना जरुरी है।

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