उद्धव ठाकरे की संपत्ति की जांच को लेकर दाखिल याचिका खारिज

मुंबई, 22 नवंबर (हि.स.)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे की संपत्ति की जांच के लिए दाखिल याचिका खारिज कर दी है। गौरी भिड़े और उनके पिता ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उद्धव ठाकरे और उनके परिवार के पास आय से अधिक संपत्ति है। याचिकाकर्ता ने इसकी जांच सेंट्रल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से करवाए जाने की मांग की थी।

इस याचिका की सुनवाई आज न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की एकल खंडपीठ के समक्ष हुई। याचिका में गौरी भिड़े ने कहा था कि उद्धव ठाकरे और उनके परिवार ने इतनी संपत्ति जमा कर ली है, उनकी आय का सही स्रोत क्या है, इसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही उनकी संपत्ति कहां से आई, इसकी जानकारी सभी को मिलनी चाहिए। याचिका में यह भी कहा गया था कि प्रबोधन प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड के सामना अखबार ने कोरोना काल में 42 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इस दौरान सामना लाभ में रही जबकि सभी समाचार पत्र घाटे में रहे। चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामे के मुताबिक उद्धव ठाकरे की कुल संपत्ति करीब 125 करोड़ रुपये है। शेयरों में 22 करोड़ रुपये का निवेश है। 1 करोड़ 61 लाख की एफडी, मातोश्री और मातोश्री के सामने 52 करोड़ रुपये कीमत के दो बंगले, कर्जत में एक फार्म हाउस भी है। इसी तरह रश्मि ठाकरे के पास 35 लाख की एफडी है। जबकि शेयर और बॉन्ड में 34 करोड़ का निवेश है। उनके नाम छह करोड़ की जमीन है। जबकि आदित्य ठाकरे की संपत्ति में एफडी में 10 करोड़ का निवेश है। शेयरों और बांडों में 20 लाख का निवेश किया। उनके पास जमीन और जमीन जैसी करीब 5 करोड़ की संपत्ति है। इन सबकी सीबीआई और ईडी से जांच करवाने की मांग याचिका में की गई थी। लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद गौरी भिड़े ने पत्रकारों को बताया कि वे फिर से दूसरे न्यायाधीश के पास इसी तरह की याचिका दाखिल करेंगी।

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