
इन्दौर (ईएमएस) तकनीकी क्रांति को नई दिशा देने वाली खोज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) सिस्टम के संभावित खतरों की जताई जा रही आशंकाओं के बीच उसका एक बहुमूल्य मानव जीवन बचाने के असाधारण योगदान का प्रत्यक्ष उदाहरण उस समय देखने को मिला जब इन्दौर का एक युवक बेरोजगारी व आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर जान देने की कोशिश कर रहा था। जिसके फोटो उसने फंदा लगाने के बाद अपने सोशल नेटवर्किंग अकाउंट पर पोस्ट किए ।
इन्दौर से लाखों मिल दूर कैलिफोर्निया से इन्दौर सायबर सेल एसपी को इसकी सूचना मिली । एसपी ने तुरंत एडिशनल डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा को अलर्ट किया तो महज 10 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच गई और दरवाजा तोड़कर युवक को बचा लिया । घटना भंवरकुआं इलाके की है जब पालदा नगर में रहने वाला शिवम सिंह मजदूरी करता है । कुछ समय से वह बेरोजगार था । परिवार के मकान निर्माण में सभी भाई योगदान दे रहे थे लेकिन वह मदद नहीं कर पा रहा था । इससे डिप्रेशन में चला गया था । उसके बाद उसने यह कदम उठाया सोशल साइट्स के जिस प्लेटफार्म पर ये फोटो डाले गए थे वह मेटा प्लेटफार्म पर है और उसकी एआई मॉनिटरिंग की जाती है । एआई ( आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) सिस्टम के कारण सुसाइड व अन्य कई बिंदुओं पर आने वाली पोस्ट , वीडियो , रिल्स या फोटो को एआई सिलेक्ट कर रेड अलर्ट जारी करता हैं ।
शाम को केलिफोर्निया के मेन सर्वर पर जब रेड अलर्ट आए तो उन्होंने इसकी जानकारी नोडल अधिकारी होने से सायबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह को भेजी । कोड को डीकोड कर सिंह ने तत्काल युवक के घर का पता निकाला और एडिशनल डीसीपी को स्पॉट भेजा । और पुलिस कार्रवाई करते दस मिनट में युवक की जान बच गई।