कोटा रानी : कश्मीर की वो मल्लिका जिसने खूबसूरती को बनाया हथियार

फिल्म प्रोड्यूसर मधु मंटेना और रिलायंस एंटरटेनमेंट मिलकर एक फिल्म प्रोड्यूस कर रहे हैं जो कश्मीर की आखिरी महिला हिंदू शासक कोटा रानी के जीवन पर आधारित है. 14वीं सदी में कश्मीर पर शासन करने वाली कोटा रानी को बेहद खूबसूरत महिला होने के साथ ही बहुत अच्छी शासक और सैन्य रणनीतिकार माना जाता था.

कोटा रानी की तुलना इजिप्ट की क्लियोपैट्रा या दिल्ली की सुल्ताना रजिया से करना अतिशियोक्ति नहीं होगा. उनके बारे कहा जाता है की उन्होंने अपनी ख़ूबसूरती को अपने दुश्मनों के खिलाफ ढाल की तरह इस्तेमाल किया. कोटा रानी कश्मीर के राजा और लोहारा वंश के सुहादेव के कमांडर इन चीफ रामचरण की बेटी थी.

रामचरण ने लद्दाख के रिन्चिन को कश्मीर के प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी थी. लेकिन रिन्चिन ने धोखे से रामचरण को मारकर उसके पूरे परिवार को कैद कर लिया. लोगों के विद्रोह को शांत करने के लिए रिन्चिन ने रामचरण के बेटे रावनचरण को लद्दाख का प्रशासक बना दिया और उसकी बहन यानी कोटा रानी से शादी कर ली. बाद में रिन्चिन ने इस्लाम धर्म ग्रहण कर लिया और शाहमीर को अपना वजीर बना लिया.

तीन साल बाद रिन्चिन की मौत हो गई जिसके बाद कोटा रानी ने अपने बेटे को राजा बनाकर सत्ता की डोर अपने हाथ में रख ली. कोटा रानी ने भट्ट बाल भिक्षन को अपना प्रधानमंत्री बनाया. कोटा रानी के इस रवैये के कारण शाह मीर नाराज हो गया और षड़यंत्र रचने लगा ,जल्द ही उसे सफलता मिल गई और उसने भट्ट की ह्त्या कर दी.

शाह मीर कोटा रानी की ख़ूबसूरती पर पहले से ही फिदा था इसलिए उसने रानी को जान के बदले शादी करने का आदेश दिया. कोटा रानी ने शादी की बात तो मान ली लेकिन शादी की रात उसने अपनी आंत काट कर शाहमीर को शादी का तोहफा दिया .गुस्से में आगबबूला हुआ शाह मीर ने कोटा रानी के पूरे परिवार की ह्त्या करवा दी.

Back to top button