कोरोना: तीसरी लहर के मुकाबले के लिए देश में क्या-क्या तैयारियां की जा रही हैं?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर का सामना करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी कर रही है।दरअसल, कई विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में महामारी की तीसरी लहर को रोका नहीं जा सकता।ऐसे में सिर्फ दिल्ली सरकार ही नहीं बल्कि कई अन्य राज्यों और केंद्र सरकार ने भी इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। आइये, इन तैयारियों पर एक नजर डालते हैं।

दूसरी लहर ने मचाई थी तबाही

भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर तबाही मचाई थी। इस दौरान न सिर्फ दैनिक मामलों की संख्या के रिकॉर्ड टूटे बल्कि कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का आंकड़ा भी रिकॉर्ड स्तर को छू गया था।संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई और समय पर ऑक्सीजन, जरूरी दवाएं और बिस्तर न मिलने के कारण कई मरीजों की अस्पतालों के अंदर और बाहर ही मौत हो गई थी।
अनुमान

6-8 महीनों के भीतर आ सकती है तीसरी लहर- विशेषज्ञ

दूसरी लहर में मची तबाही से सबक लेते हुए सरकार ने अभी से तीसरी लहर के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।इनमें बच्चों समेत अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना, अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना, मॉड्यूलर अस्पताल बनाना आदि चीजें शामिल हैं।विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 6-8 महीनों के भीतर कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे सकती है। ऐसे में उससे पहले इन तैयारियों को अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।वैक्सीनेशन अभियान

मध्य जुलाई से रोजाना एक करोड़ खुराकें लगाने का लक्ष्य

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीनेशन को अहम हथियार माना जा रहा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने मध्य जुलाई से रोजाना वैक्सीन की एक करोड़ खुराकें लगाने का लक्ष्य रखा है।इसके लिए पर्याप्त मात्रा में खुराकों का इंतजाम किया जा रहा है। विदेशी कंपनियों से भी इस संबंध में बातचीत की जा रही है।सरकार का दावा है कि इस साल दिसंबर तक भारत में सबको वैक्सीन लग चुकी होगी।
वैक्सीनेशन

बच्चों के लिए भी शुरू होगा वैक्सीनेशन

हाल ही में आई खबर के अनुसार, केंद्र सरकार बच्चों को भी वैक्सीनेशन अभियान में शामिल करने की योजना बना रही है।हालांकि, अभी तक भारत में 18 साल से कम उम्र के किशोरों और बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के बच्चों पर इस्तेमाल के लिए ट्रायल शुरू हो चुके हैं।सरकार 12-18 साल के लगभग 13 करोड़ बच्चों का वैक्सीनेशन करने पर विचार कर रही है।
जानकारी

दुर्गम इलाकों में ड्रोन से पहुंचेगी वैक्सीन

देश के दुर्गम इलाकों में दवाओं समेत जरूरी सामान की आपूर्ति हमेशा से चुनौती रही है। वैक्सीनेशन अभियान के दौरान भी यह चुनौती पेश आ रही है। इससे निपटने के लिए सरकार ने दुर्गम इलाकों में ड्रोन से वैक्सीन पहुंचाने की योजना बनाई है।मेडिकल ऑक्सीजन

अस्पतालों में स्थापित किए जा रहे ऑक्सीजन प्लांट

दूसरी लहर के दौरान देश में मेडिकल ऑक्सीजन की भारी कमी देखी गई थी। कई जगह समय पर ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाई थी और कई अस्पतालों में इलाज के दौरान ऑक्सीजन खत्म होने के चलते मरीजों की मौत हो गई थी।दोबारा ऐसी घटनाएं होने से रोकने के लिए इस बार अस्पतालों में पीएम-केयर्स फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अनुसार, फिलहाल 850 ऐसे प्लांट पर काम चल रहा है।तैयारी

मॉड्यूलर अस्पताल बनाने पर चल रहा काम

तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार देशभर में मॉड्यूलर अस्पताल बनाने का काम कर रही है।इंडिया टुडे के अनुसार, DRDO प्रमुख डॉ जी सतीश रेड्डी ने कहा कि इन्हें ‘फ्लाइंग अस्पताल’ भी कहा जाता है। इन्हें इस तरीके से तैयार किया जाता है कि वायरस इनसे बाहर न जाए।ये पहले से मौजूद अस्पतालों के पास बनाए जाएंगे और उनके विस्तार के रूप में काम करेंगे। इन्हें कम समय में तैयार किया जा सकता है।तैयारी

मेडिकैब अस्पताल बनाने पर भी हो रहा काम

IIT मद्रास के मॉड्यूलस हाउसिंग नामक स्टार्टअप ने मेडिकैब अस्पातल विकसित किये हैं।100 बिस्तरों की क्षमता वाले ऐसे अस्पताल को तीन सप्ताह में बनाया जा सकता है और यह सात सप्ताह के भीतर मरीजों को दाखिल करने के लिए तैयार हो जाता है।पूरे देश में ऐसे 50 अस्पताल बनाए जाएंगे, जिनकी शुरुआत बिलासपुर, अमरावती, पुणे और जालना आदि जिलों से होगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें एक सप्ताह के भीतर दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है।सवाल

क्या रोकी नहीं जा सकती तीसरी लहर?

पिछले महीने सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर भी आएगी और इसे कोई नहीं रोक सकता है।हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि अगर सावधानी बरती जाती है तो इस लहर के असर को कम किया जा सकता है।राघवन के बाद कई अन्य वैज्ञानिक भी तीसरी लहर आने की आशंका जता चुके हैं।
कोरोना संकट

देश में फिलहाल सुधरने लगे हैं हालात

देश में कुछ दिनों से हालात सुधरने लगे हैं और कोरोना मामलों में गिरावट आ रही है।भारत में बीते दिन कोरोना के 60,471 नए मामले सामने आए और 2,726 मरीजों की मौत हुई।इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 2,95,70,881 हो गई है। इनमें से 9,13,378 सक्रिय मामले हैं और 3,77,031 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।बीते एक हफ्ते से देश में दैनिक मामलों की संख्या एक लाख से कम रह रही है।जानकारी

वैक्सीनेशन अभियान की क्या स्थिति?

देश में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो अब तक वैक्सीन की 25,90,44,072 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। बीते दिन 39,27,154 खुराकें लगाई गईं। वैक्सीनेशन की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है।

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