क्या है केंद्र सरकार का आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, जानें महत्वपूर्ण बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर थे। जहां से उन्होंने हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का ऐलान किया, जो कि देश में हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी मिशन है।क्या है पीएम आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन, आपको इस मिशन से कैसे होगा फायदा? आज के इस लेख में हम इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे।आइए जानें।क्या है यह मिशन?

यह मिशन देशभर में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी योजना है। इस मिशन का मकसद लंबी अवधी के लिए पब्लिक हेल्थ केयर में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाना और इसमें सुधार लाना है। इस मिशन के लिए सरकार पांच साल में 64,180 करोड़ रुपये खर्च करेगी।इस मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में 17,788 नए हेल्थ और वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे तो वहीं शहरी इलाकों में 11,024 नए हेल्थ और वेलनेस सेंटर को विकसित किया जाएगा।

देश में आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने का लक्ष्य

इस मिशन की मदद से सरकार विश्वस्तरीय सुविधाओं को विकसित करेगी। जिसके तहत ICMR, NCDC की 15 और BSL III लैबोरेटरीज को स्थापित किया जाएगा।इसके साथ-साथ 33 बीमारियों के विश्लेषण और पूर्वानुमान के लिए बेहतर क्षमता को विकसित किया जाएगा और नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल की पांच क्षेत्रीय ब्रांचों और 20 मेट्रोपोलियन यूनिट्स को विकसित किया जाएगा।आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए चार नए क्षेत्रीय रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को शुरू किया जाएगा।

आम आदमी को कैसे मिलेगा लाभ?

सरकार के मुताबिक, इस मिशन के तहत 12 केंद्रीय अस्पतालों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक बनाए जाएंगे। जिसमें 1,800 से अधिक बैडों की सुविधा होगी।इसके साथ-साथ सरकार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली में 150 क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिससे आम आदमी को इलाज में सुविधा और सहूलियत मिलेगी।इस मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाएंगे।

मिशन के विषय में महत्वपूर्ण बातें

इस मिशन का लक्ष्य बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।मिशन के तहत रोगों की जांच के लिए टेस्टिंग को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।इस मिशन का लक्ष्य देश में पहले से मौजूद लैब्स को और बेहतर बनाना है।महामारी के दौरान जांच के लिए 15 नई बायोसेफ्टी लेवल-तीन लैब्स को विकसित किया जाएगा।उत्पन होंगे रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बनने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जैसे कि डॉक्टर, पैरामेडिक्स, लैब, फार्मेसी, साफ-सफाई, कार्यालय, ट्रैवल ट्रांसपोर्ट आदि।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों में जो लोग रहे उनके लिए स्वास्थ्य सेवाएं कमाई का एक जरिया बनी रही हैं। गरीबों की परेशानी देख कर वे लोग दूर भागते रहे हैं। आज जो सरकार केंद्र और राज्य में है वह गरीब, दलित, शोषित वंचित पिछड़े मध्यम वर्ग सभी का दर्द समझती है।

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