तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर अंकित गुर्जर की मौत, जाँच शुरू


गाजियाबाद।  नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में गैंगस्टर अंकित गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार सुबह बैरक नंबर तीन में अंकित मृत मिला है। दिल्ली के दीनदयाल अस्पताल में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल पाएगा। तिहाड़ प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। परिवार की ओर से मर्डर के आरोप लगाए गए हैं।

गैंगस्टर अंकित गुर्जर तिहाड़ जेल की बैरक नंबर तीन में बंद था।

गैंगस्टर अंकित गुर्जर तिहाड़ जेल की बैरक नंबर तीन में बंद था।

मई-2020 में दिल्ली स्पेशल सेल ने पकड़ा था

अंकित गुर्जर मूल रूप से उत्तर प्रदेश में बागपत जिले के चांदीनगर का रहने वाला था। वह दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हार्डकोर क्रिमिनल था। उस पर सवा लाख रुपये का इनाम रखा गया था। मई-2020 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंकित व उसके साथी अनिल उर्फ मांडवाली को एकसाथ गिरफ्तार किया था। अंकित गुर्जर और रोहित चौधरी का गैंग दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी में अपना वर्चस्व बना रहे थे।

अंकित गुर्जर ने प्रधानी चुनाव लड़ने को धमकी भरे पर्चे छपवाए थे।

अंकित गुर्जर ने प्रधानी चुनाव लड़ने को धमकी भरे पर्चे छपवाए थे।

चांदीनगर से लड़ना चाहता था प्रधानी चुनाव

अंकित गुर्जर बेहद डेसपरेट क्रिमिनल है। 2019 में अंकित अपने गांव चांदीनगर से प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहता था। इसके लिए उसने अपने पॉल्टीकल राइवल विनोद की हत्या कर दी थी। इसके बाद पूरे गांव में पोस्टर लगाए दिए थे कि अगर कोई उसके खिलाफ चुनाव लड़ा तो उसकी भी हत्या कर दी जाएगी। चुनाव आने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने अंकित को गिरफ्तार किया।

नोएडा में कंपनी मैनेजर का किया था अपहरण

गैंगस्टर अंकित गुर्जर पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में केस दर्ज हैं। साल-2019 में नोएडा सेक्टर-63 में एक कंपनी मैनेजर को अगवा करने का आरोप अंकित गुर्जर पर लगा था। अंकित पर हत्या, रंगदारी, जानलेवा हमला, अपहरण के करीब 25 से ज्यादा मामले दिल्ली-यूपी-हरियाणा में दर्ज थे। 

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