पल भर में मूत्र और पसीने के पॉजिटिव सैम्पल पहचानने में माहिर हैं सेना के कुत्ते-देखे VIDEO

नई दिल्ली । भारतीय सेना की डॉग यूनिट के तीन प्रशिक्षित कुत्तों ने मंगलवार को मूत्र और पसीने का सैम्पल सूंघकर मानव शरीर में कोरोना का पता लगाने का लाइव प्रदर्शन किया। लाइव प्रदर्शन के दौरान अलग-अलग तरीके से कोविड-19 के निगेटिव और पॉजिटिव सैम्पल रखे गये लेकिन कई दौर के इस प्रदर्शन में हर बार सेना के कुत्ते पल भर में पॉजिटिव सैम्पल की पहचान करने में कामयाब रहे।

भारतीय सेना के कुत्तों को पसीने और मूत्र के नमूनों की मदद से कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए कर्नल सुरेंद्र सैनी ने प्रशिक्षित किया है। उन्होंने सेना की मेरठ स्थित रिमाउंट वेटनरी कोर के डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में लैब्राडोर, कॉकर स्पैनियल्स और स्वदेशी नस्ल के चिप्पीपराई कुत्तों को डेढ़ माह की ट्रेनिंग दी है। इसके बाद तीनों प्रशिक्षित कुत्तों को दिल्ली कैंट में ट्रायल के लिए तैनात किया गया। यहां पर डेढ़ माह तक ट्रायल चलने के बाद पुष्टि हुई है कि यह तीनों प्रशिक्षित कुत्ते सैंपल सूंघकर मानव शरीर में मौजूद कोरोना वायरस का पल भर में पता लगा लेते हैं। भारतीय सेना के स्निपर डॉग जया और कैस्पर चंडीगढ़ में तैनात हैं। इन्होंने अब तक ऑपरेशनल एरिया (एलएसी) पर तैनाती के लिए जा रहे करीब 3000 सैनिकों का परीक्षण किया जिसमें से 18 जवानों की कोरोना पॉजिटिव के रूप में पहचान की है।

आज लाइव प्रदर्शन के दौरान स्वदेशी नस्ल के चिप्पीपराई डॉग जया के सामने कोविड-19 मरीज के निगेटिव और पॉजिटिव सैम्पल रखे गये गए। कई नकारात्मक नमूनों के बीच जया ने पॉजिटिव सैंपल की पहचान की। इसी तरह कॉकर स्पैनियल्स नस्ल के कैस्पर डॉग ने पसीने के कोरोना पॉजिटिव सैंपल की पहचान की। भारत में पहली बार डॉग्स का इस्तेमाल रोगों की पहचान करने के लिए हो रहा है। सफल ट्रायल के बाद अब सेना 8 और डॉग्स को भी प्रशिक्षित करने की योजना बना रही है।

सेना ने एक बयान में कहा है कि सेना की डॉग यूनिट कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित मरीजों का पता लगाने में मदद कर सकती है जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे जल्दी और रियल टाइम कोविड-19 का संक्रमण पहचानने में मदद मिलेगी। ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, जर्मनी, फिनलैंड, यूएई, लेबनान आदि के हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर कोविड स्क्रीनिंग के लिए कैनाइन दस्ते का उपयोग किया जाता है लेकिन भारत में पहली बार सेना की डॉग यूनिट के तीन कुत्तों को प्रशिक्षित किया गया है।

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