फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान पर मुस्लिम देशों में गुस्सा, कई जगह हुआ विरोध प्रदर्शन

पेरिस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्लामिक आतंकवाद की निंदा करना अब भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। अरब सहित अधिकतर मुस्लिम देशों में फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार की मांग तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि कुवैत, जॉर्डन और कतर में कई दुकानों से फ्रांस के बने हुए सामानों को हटा दिया गया है। वहीं एशिया में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

क्या कहा था राष्ट्रपति मैक्रों ने
दरअसल, 16 अक्टूबर को पेरिस के उपनगरीय इलाके में एक शिक्षक की मोहम्मद साहब का कार्टून दिखाने के कारण गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इसे इस्लामिक आतंकवाद करार दिया था। उन्होंने कहा था कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिससे आज पूरी दुनिया में संकट में है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें डर है कि फ्रांस की करीब 60 लाख मुसलमानों की आबादी समाज की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़ सकती है। इसी के बाद से फ्रांसीसी राष्ट्रपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।

सोशल मीडिया पर फ्रेंच उत्पादों के बहिष्कार की अपील
कई मुस्लिम देशों में फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप पर #BoycottFrenchProducts, #BoycottFrance Products, #boycottfrance #boycott_French_products #ProphetMuhammad ट्रेंड कर रहा है।

कतर और कुवैत में फ्रांस को भारी नुकसान
खाड़ी के देश कतर और कुवैत में फ्रांस के व्यापार को भारी नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। कुवैत की सुपरमार्केट चेन चलाने वाली अलनईम कोऑपरेटिव सोसाइटी, सबर्ब ऑफ्टरनून एसोसिएशन, इकला कोऑपरेटिव सोसाइटी और साद अल अब्दुल्ला सिटी कोऑपरेटिव सोसाइटी ने फ्रांसीसी उत्पादों को हटाने का ऐलान किया है। वहीं, कतर की अलवाजबा डेयरी कंपनी और अलमेरा कंज्यूमर गुड्स कंपनी ने भी ऐसी ही घोषणा की है।

भारत में भी सोशल मीडिया में फ्रांस का विरोध ट्रेंड कर रहा है। कई यूजर्स ने फ्रांसीसी समानों के बहिष्कार का समर्थन किया है। हालांकि, अभी तक भारत में कहीं से सामाजिक विरोध की खबर नहीं है। भारत की सोशल मीडिया में में #Boycott_French_Products और #boycottfrance ट्रेंड कर रहा है।

फ्रांस को कितना हो सकता है नुकसान
फ्रांस को उत्पादों के बहिष्कार से तगड़ा नुकसान हो सकता है। फ्रांस के बने ब्यूटी प्रोडक्ट और अन्य कई उत्पाद विदेशों में महंगे दामों पर बिकते हैं। फ्रांस के बने सामानों की अंतरराष्ट्रीय मॉर्केट में भी बड़ी साख है। यहां के बने डिजाइनर कपड़ों की भी विदेशों में खूब मांग होती है। इसके अलावा फ्रेंच वाइन और शैंपेन भी खूब प्रसिद्ध है।

पाकिस्तान ने फ्रांसीसी राजदूत को किया तलब
पाकिस्तान ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति के बयान को लेकर फ्रांस के राजदूत को तलब किया। इस दौरान फ्रांसीसी राजनयिक के सामने पाकिस्तान ने अपना आधिकारिक विरोध भी दर्ज करवाया है। इमरान खान ने रविवार को ट्वीट किया, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने (मैक्रों) इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देने का रास्ता चुना है तभी तो आतंकवादियों पर हमला करने की बजाय इस्लाम पर हमला किया। आतंकवादी चाहे वह मुसलमान हो, श्वेत वर्चस्ववादी या नाजी विचार।

बदजुबानी पर उतरे तुर्की के राष्ट्रपति
तुर्की के राष्‍ट्रपति रजब तैयब इरदुगान ने मध्य तुर्की के शहर कासेरी में एक भाषण में कहा कि मेक्रों कहे जाने वाले इस व्यक्ति की मुस्लिम और इस्लाम के साथ क्या समस्या है? मैक्रों को मानसिक इलाज करवाने की जरूरत है। एर्दोगान ने आगे कहा कि किसी राष्ट्रप्रमुख को क्या कहा जा सकता है जो धर्म की स्वतंत्रता को नहीं समझता है। साथ ही जो अपने देश में रहने वाले लाखों लोगों के लिए इस तरह से व्यवहार करता है जो एक अलग धर्म को मानने वाले हैं। तुर्की के राष्ट्रपति के इस बयान से भड़के फ्रांस ने अपने राजदूत को अंकारा से वापस बुला लिया है।

फ्रांस ने बहिष्कार वापस लेने को कहा
फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा कि उसके राजदूत उन देशों में भेजे गए हैं जहां फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार किया जा रहा है। इन देशों को बहिष्कार वापस लेने को कहा गया है। साथ ही वहां रह रहे फ्रांसीसी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाएगी। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘मिडिल ईस्ट के कई देशों में, फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार और फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है। यह नफरत फैलाने के संदर्भ में है जिसे सोशल मीडिया में प्रसारित किया जा रहा है।’

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