बहू को बचाने के लिए सास ने जो किया, वो तो फिल्मों में भी नहीं होता

आपने बहू पर ससुराल वालों के जुल्मों के किस्से बहुत सुने होंगे. लेकिन सास बहू को बचाने के लिए अपने बेटे का मर्डर कर दे, ऐसा नहीं सुना होगा. किस्सा जरा पुराना है, लेकिन काफी हटके है, इसलिए अपने पाठकों को आज फिर से सुना दे रहे हैं. करीब 2 साल पहले, अगस्त 2017 में मुंबई के मानखुर्द में एक 45 साल की औरत को अरेस्ट किया गया था. इल्जाम था कि उसने अपने बेटे का गला घोंट दिया क्योंकि वो अपनी बीवी को पीटता था.

पुलिस के मुताबिक नदीम नईम की उम्र 25 साल थी. वो अंबेडकर चाल में अपनी मां अनवरी इदरीसी, बीवी, दो बड़े भाइयों और उनकी बीवियों के साथ रहता था. नदीम की शादी इलाहाबाद की लड़की से हुई थी. लड़की को पता नहीं था कि नदीम नशे का आदी है. शादी के बाद भी नदीम का नशेड़ीपन जारी रहा. फिर रोज रोज की पिटाई से तंग आकर वो घर छोड़ गई. सिर्फ पांच महीने हुए थे.

अनवरी को बिल्कुल अच्छा नहीं लगा कि बहू घर छोड़ जाए. बहू की मान मनौव्वल की. भरोसा दिलाया कि वो उसको पिटाई से बचाएगी. लड़के का नशा छुड़ाएगी. इस वादे के बाद बहू ससुराल वापस आ गई.

वारदात की रात घर में सब थे. नदीम नशे में आया. अनवरी को अंदाजा लग गया कि ये आज कोई कांड करेगा. उन्होंने सारे बच्चों को पड़ोसी के घर भेज दिया और खुद घर में रुक गई. नदीम और गुस्से में आ गया और मां को ही पीटने लगा. जब वो थक गया तो मां ने उसे सीढ़ियों पर धकेलकर उसके गले को दुपट्टे से कस दिया. थोड़ी देर में नदीम की बॉडी में सिर्फ दारू बची, सांसें नहीं.

अनवरी ने गुस्से में दुपट्टा कसा होगा तो उसे पता नहीं रहा होगा कि ये मर जाएगा. गुस्सा ठंडा होने पर वो रात भर लाश के पास बैठी रोती रही. सुबह परिवार के लोग वापस आए तो देखा वो बैठी रो रही है. अनवरी ने घर वालों के सामने कहा कि उसने ही बेटे को मारा है, ताकि बहू रोज की पिटाई से बच जाए. पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया और 302 का मुकदमा चल रहा है.

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