बिजली विभाग हुआ सख्त, अब बिजली कर्मियों के घर भी लगेंगे मीटर

लखनऊ. Bijli Bill Latest Update: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा मनमानी बिजली खर्च पर लगाम लगेगी। विभागीय होने के चलते उन्हें किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। आम उपभोक्ताओं की तरह ही उनके घरों में भी विद्युत मीटर लगेगा और जितनी बिजली खर्च होगी उतना बिल वसूला जाएगा। मीटर लगाने का काम इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। अभी तक बिजलीकर्मी घरों में बिना मीटर लगवाए एक फिक्स रकम देकर बेहिसाब और मनमाने तरीके से बिजली खर्च करते थे। पर अब आयोग ने इसको सख्ती से बंद करने का निर्देश दिया है।


उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग फिजूल खर्ची और मनमानी को लेकर सख्त हो गया है। आयोग ने विभाग के नाम पर मनमाने बिजली खर्च और फिजूलखर्ची पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश दिया है। इससे साफ जाहिर है कि राजस्व में बढ़ोत्तरी के लिये कई गैर जरूरी चीजों पर अंकुश लगना तय है। अब तक एकमुश्त रकम कटवाकर बेहिसाब बिजली खर्च करने वाले बिजली कर्मियों से बिल वसूला जाएगा। इससे जहां एक ओर फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी वहीं विभाग के राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी।


बिजली विभाग में 40 से 45 हजार कर्मचारी और पेंशनधारक मिलाकर एक लाख के करीब आती है। इन्हें फिक्स मिनिमम चार्ज देकर बिजली उपभोग की सुविधा है। एसी चलाने पर पति एसी मिनिमम 300 रुपये चार्ज बनता है। फिक्स चार्ज पर ये जमकर मनमानी बिजली इस्तेमाल होती है। इससे विभाग को राजस्व का भी खूब नुकसान होता है। अब ये सब लोग मीटर से बिजली का उपभोग करेंगे और आम उपभोक्ता की तरह इनकी भी माॅनिटरिंग होगी।


फिजूलखर्ची रोकने के लिये कड़े कदम

आयोग ने फिजूलखर्ची राकने के लिये गाइडलाइन और सीमा भी तय कर दी है। अब बिजली कंपनियां मनमाना खर्च नहीं कर पाएंगी। 10 करोड़ रुपये तक के खर्च के लिये आयोग की अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये तक के खर्च का ब्योरा भी देना जरूरी होगा। सालाना खर्च में 10 हजार करोड़ की भारी कमी कर दी गई है। 81,901 करोड़ की मांग के सापेक्ष 71,961 करोड़ ही स्वीकृत किया है। लाइन लाॅस को 16.64 से घटाकर 11.08 प्रतिशत पर फिक्स कर दिया है। बिजली खरीद मांग में भी कटौती हुई है। इसे 1.20 लाख मिलियन युनिट की जगह 1.12 पर ला दिया है।

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