भारत ने बनाया नया कीर्तिमान, 100 करोड़ के पार हुआ वैक्सीनेशन, पीएम मोदी ने दी बधाई


नई दिल्ली । भारत ने तमाम दबावों और बाधाओं का सामना करते हुए कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। नए मील के पत्थर को पार करते हुए देश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंच गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने एक ट्वीट में जानकारी देते हुए समस्त देशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 100 करोड़ कोविड टीके लगाने की उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि जिन लोगों ने अभी तक कोई टीका नहीं लिया है, उन्हें भी सामने आना चाहिए और कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में सहयोग देना चाहिए।


इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे। 21 अक्टूबर 2021 को भारत ने 279 दिन में 100 करोड़ डोज का आंकड़ा पार कर लिया। प्रधानमंत्री ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल की विजिट के दौरान डॉक्टरों और फ्रंट लाइन वर्कर्स से मुलाकात की। 10 महीने पहले कोरोना योद्धाओं के समर्पण और सरकार की प्रतिबद्धता सजगता के दम पर 16 जनवरी 2021 को कोरोना के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का मुकाबला करने के लिए, देश के पास अब 100 करोड़ वैक्सीन डोज का मजबूत सुरक्षा कवच है ये उपलब्धि भारत की है, भारत के प्रत्येक नागरिक की है। मैं देश की वैक्सीन मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों, वैक्सीन ट्रांसपोर्टेशन में जुटे कर्मयोगियों, वैक्सीन लगाने में जुटे हेल्थ सेक्टर के प्रोफेशनल्स, सभी का आभार व्यक्त करता हूं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह भारत के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने एक ट्वीट श्रृंखला में कोविड टीके के निर्माण और उसके आपूर्ति का ब्यौरा दिया है। उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों और अन्य सहायकों का आभार व्यक्त किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह ने भारत में एक अरब कोविड टीके दिए जाने को असाधारण उपलब्धि बताया है। देश ने 280 दिनों में इस बड़ी सफलता को हासिल किया है और शायद इसी का नतीजा है कि कई राज्यों में तो नए केसों की संख्या 100 से भी कम रह गई है। यही नहीं देश भर का आंकड़ा भी पिछले 5 दिनों से लगातार 15,000 से कम बना हुआ है। देश में कई दिन तो 1 करोड़ से ज्यादा टीके लगे और पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें तोहफा देते हुए 2.5 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए थे। राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा 12 करोड़ 21 लाख से ज्यादा टीके लग चुके हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में आंकड़ा 9.32 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 6.85 करोड़ का है। गुजरात और मध्य प्रदेश भी टीकाकरण के मामले में क्रमश: चौथे और 5वें नंबर पर हैं। गुजरात में अब तक 6,76,68,189 टीके लग चुके हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश में 6,72,24,546 टीके लगे हैं। यही नहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में हर वयस्क नागरिक को कोरोना वैक्सीन दी जा चुकी है। यही नहीं हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तो सभी वयस्कों को दोनों टीके लग चुके हैं। देश के 75 फीसदी वयस्कों को अब तक कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक डोज दी जा चुकी है। इसके अलावा 31 फीसदी लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। साफ है कि कोरोना के खिलाफ जंग में बड़ी संख्या में लोगों ने खुद को सुरक्षा चक्र के दायरे में ला दिया है। यही नहीं देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। पहले 10 करोड़ टीके लगने में देश को 85 दिनों का वक्त लगा था, जबकि 20 करोड़ का आंकड़ा अगले 45 दिनों में ही हासिल हो गया था। इसके बाद अगले 10 करोड़ टीके सिर्फ 29 दिनों में ही लग गए थे।


टीके लगने की रफ्तार और कोरोना पर लगातार बढ़ती ही गई। 30 से 40 करोड़ का आंकड़ा देश ने 24 दिनों में और फिर 50 करोड़ का नंबर 20 दिनों में ही हासिल कर लिया था। यह आंकड़ा देश ने 6 अगस्त को छुआ था और उसके बाद सिर्फ 76 दिनों में यानी ढाई महीने में देश ने अगले 50 करोड़ टीकों के साथ 1 अरब के आंकड़े को पार कर लिया है। देश में 16 जनवरी से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। पहले राउंड में देश भर में हेल्थवर्कर्स को टीका लगाने का फैसला लिया गया था। इसके बाद 2 फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगना शुरू हुआ था।इस दायरे को आगे बढ़ाते हुए 1 मार्च से 60 साल से अधिक आयु के लोगों और 45 साल से अधिक उम्र वाले गंभीर बीमारी से पीडि़त लोगों को टीका लगाने की शुरुआत हुई थी। फिर 1 अप्रैल से केंद्र सरकार ने 45 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की थी। यही नहीं इस अभियान को और गति देते हुए सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों के टीकाकरण का फैसला लिया था। उस फैसले के महज 6 महीने के बाद ही 1 अरब का आंकड़ा पार करना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

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