मंडप में दूल्हा न कर सका वो आसान काम, नाराज दुल्हन ने लौटा दी बारात

आज हम आपको एक ऐसी खबर से रूबरू कराने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपको भी हैरानी होगी। ये घटना बिहार के छपरा जिले की है। दरअसल यहां एक दूल्हा अपनी दुल्हनिया लेने पहुंचा था लेकिन जैसे ही दुल्हन को पता चला कि उसकी शादी जिससे हो रही है वो मंदबुद्धि है तभी वो भड़क गई और फिर शादी से इंकार कर दिया। जी हां जिसके बाद दूल्‍हे के परिवार वालों ने दूल्‍हन को काफी समझाया लेकिन वह शादी के लिए राजी नहीं हुई।

बारात दानापुर के हेतनपुर गांव से डोमन छपना गांव आई थी। खबरों की माने तो अमनौर के हरनारायण पंचायत के डोमन छपरा गांव के रहने वाले सकलदेव राय ने अपनी बेटी राधा कुमारी की शादी दानापुर के हेतनपुर गांव के रहने वाले रामशंकर राय के बेटे अरविंद कुमार से तय की थी लेकिन जब तय समय के अनुसार शनिवार की रात बारात उनके यहां दूल्‍हन को विदा कराने पहुंची तो सबकुछ सही चल रहा था लेकिन अचानक मंडप पहुंचते ही दुल्हन ने शादी करने से मना कर दिया।

दरअसल दूल्‍हन को सच का पता चल गया था, उसे पता चल चुका था कि जिससे उसकी शादी होने जा रही है वह मंदबुद्धि है। बारात का स्‍वागत धूमधाम से होने के बावजूद द्वार पूजा की रस्म भी अदा की गयी। लेकिन बताया जाता है कि इसी दौरान किसी ने दुल्हन को बता दिया कि दूल्हा मंदबुद्धि है। जिसे जानने के बाद दुल्हन ने दूल्हे को अपने पास आंगन में बुलाया और उसके हाथ में कुछ नोट पकड़ा दिए दुल्हन ने दूल्हे को उन नोटों की गिनती करने के लिए कहा। नोटों की गलत गिनती करने पर दुल्हन को गुस्सा आ गया।

वो समझ गई कि उससे झूठ बोला गया है तभी उसने सबके सामने शादी से इंकार कर दिया। उसने कहा कि वह ऐसे शख्स से कैसे शादी कर सकती है जिसे नोटों की गिनती करनी भी नहीं आती। वह ऐसे इंसान के साथ अपना पूरा जीवन कैसे बिताएगी। वहीं अचानक खुशियों के माहौल में मातम छा गया और दुल्हन की ये बात सुनकर घर में हडकंप मच गया। शादी से इंकार करने के बाद दूल्‍हे के परिवार वालों को बड़ा झटका लगा वहीं उन लोगों ने दुल्हन को मनाना शुरू कर दिया। वो पूरी कोशिश कर रहे थें कि दूल्‍हन मान जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दुल्हन अपने बात पर अड़ी रही। वह किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं थी।

जिसके बाद सुबह होते ही दोनों तरफ से मुखिया और सरपंच की उपस्थिति में पंचायत बुलाई गयी। पंचायत ने सुलह करने को कहा लेकिन दुल्हन अपने बात से नहीं हिली। जिसके बाद दूल्हे पक्ष के लोग अपने गहने लेकर और तिलक का सामान लौटा कर दुल्हन लिए बिना ही वापस जाना पड़ा। वहीं अगले दिन उसी गांव में एक और शादी हुई जिसमें लड़की खुशी खुशी अपने ससुराल चली गई।

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