महाकुंभ में जाने से पहले जान लें नए नियम, वरना नहीं मिलेगी एंट्री…

इन दिनों पूरे देश में महाकुंभ का माहौल चल रहा हैं. महाकुंभ 12 साल के लंबे अंतराल के बाद हरिद्वार की पवित्र धरती पर मनाया जाता हैं. लेकिन इस बार कोरोना वायरस का इतना बुरा असर मेले में देखने को मिल रहा हैं कि मेले में जाने के लिए भक्तों को कोरोना टेस्ट के अलावा कई परेशानियों से गुजरना पड़ रहा हैं. जीहां अगर आप भी मेले में जाने की योजना बना रहे है तो हमारी आज की खबर आपके लिए हैं. दरअसल, अब मेले में एंट्री के साथ ही आपको बहुत से नियमों का पालन करना पड़ेगा अगर कोई भी भक्त उन नियमों का उल्लघंन करते हुए पाया जाता है तो उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि 1 अप्रैल से उत्तराखंड के हरिद्वार की पवित्र भूमि पर महाकुंभ का मेला सज चुका है. इसमे शामिल होने के लिए भक्तों को प्रशासन के द्वारा बनाए गए नियमों के अनुरूप चलना होगा. मेले में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को अपने साथ कोविड-19 की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट लेकर नहीं आनी होगी. उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंभ के लिए एकत्रित होने वाले भक्तों के प्रवेश के लिए 72 घंटे पहले की नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया है. वहीं इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब महामारी के कारण इसकी महाकुंभ की अवधि घटाकर एक माह कर दी. सामान्य परिस्थितियों में महाकुंभ करीब 4 महीने का होता है जोकि 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के पर्व से शुरू होकर अप्रैल के आखिर तक चलता है.

वहीं मेले के अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ हरिद्वार में आने वाले हर एक यात्री को महाकुंभ मेला 2021 के वेब पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा. मेले में केवल पंजीकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी. इसके अलावा उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कुंभ मेले को लेकर कहा कि महाकुंभ मेले में आने के लिए कोराना टीके की पहली खुराक ले चुके श्रद्धालुओं के लिए भी जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा. देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. यह पहली बार है जब महामारी के दौरान कुंभ मेले का आयोजन किया जा रहा है.

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