यूपी में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत, पूरे प्रदेश में हुई बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश हुई। तेज बरसात, ओलावृष्टि से जहां फसलों को नुकसान हुआ तो वहीं आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आकर चार लोगों की जान चली गयी है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राहत विभाग की ओर से रविवार को जिलों के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उसके अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे से ढाई बजे तक अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं ,बागपत, बहराइच, बलरामपुर, बरेली, देवरिया, एटा, गोण्डा, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर नगर, रामपुर, संभल, संत कबीर नगर, भदोही, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, रायबरेली बारिश हुई है। वहीं, फर्रुखाबाद, कन्नौज, मुजफ्फरनगर, जालौन, झांसी, कानपुर देहात, शाहजहांपुर, ललितपुर और सहारनपुर में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। –

आकाशीय बिजली गिरने से हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, शाहजहांपुर में एक-एक लोगों की जान चली गयी है। आगरा- आकाशीय बिजली गिरने से एक पशुहानि हुई। जनपद मथुरा में अतिवृष्टि से एक मकान के गिरा है। आकाशीय बिजली गिरने से आंशिक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। मौके पर तहसीलदार को भेजकर जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी ने मांगी है। 


पूरे प्रदेश में हुई बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

  पूरे प्रदेश में बारिश ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी है। प्रदेश में लखनऊ समेत कई जगह ओले भी पड़े। इसके साथ ही शनिवार से ही बादल के कारण रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचने का अंदेशा लगाया जा रहा है। इस बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गयी।

गाजीपुर के प्रगतिशील किसान पंकज राय का कहना है कि इस मौसम में कई बार बारिश हो गयी, जिससे रबी की फसलों पर दुष्प्रभाव पड़ चुका है। विशेषकर दलहन और तिलहन तो पहले ही खराब होने के कगार पर हैं। इस बारिश के कारण बिल्कुल ही समाप्त प्राय हो जाएगा। सब्जियों पर भी इसका खराब असर पड़ेगा। वहीं आम के बौर भी बरबाद हो जाएंगे।

सुलतानपुर जिले के प्रगतिशील किसान राम कीरत मिश्र ने कहा कि खेती के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। इससे रबी की सभी फसलों को नुकसान होगा। अब मौसम साफ हो तो किसानों को इसके बचाव के लिए उपाय करना चाहिए। बचाव का उपाय करने से भी सब कुछ तो नहीं बचाया जा सकता, लेकिन कुछ तो बच सकता है। जहां भी ओले गिरे, वहां तो सबकुछ बर्बाद हो जाने की संभावना है।

वहीं जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेन्द्र दुबे का कहना है कि किसानों को सावधानी से काम लेना चाहिए। केले की फसल अभी छोटे हैं, लेकिन जहां भी ओले गिरे, वहां उसे भी नुकसान पहुंचेगा। हरी मिर्च को भी नुकसान होगा। मौसम साफ होते ही फसलों पर दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। यह बता दें कि लखनऊ, कानपुर, बांदा, सहारनपुर आदि जिलों में ओले गिरने की खबर है। बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के साथ प्रदेश के कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। प्रदेश के अधिकतर इलाकों में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट अधिकतम तापमान में दर्ज की गई। ओलावृष्टि, बारिश, गरज चमक और बिजली गिरने के आसार हैं।
 

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