यूपी में बारिश का दौर जारी, अगले 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम; पढ़ें ताजा अपडेट

उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को मिलाकर तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मेरठ और मुरादाबाद मंडल में बारिश के चलते आज तो गाजियाबाद में स्कूलों में दो दिन 18 और 19 अक्टूबर को छुट्टी घोषित कर दी गई है। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, सहारनपुर, मथुरा सहित 30 जिलों में सुबह से बारिश हो रही है। रविवार को बहराइच में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के चलते सहारनपुर में सिद्धपीठ मां शाकुम्भरी देवी मेला दो दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।

15 दिन बढ़ी मानसून की अवधि
मौसम विभाग के मुताबिक, आमतौर पर मानसून सितंबर अंत तक खत्म हो जाता है। लेकिन इस बार अक्टूबर मिड में जा रहा है। मानसून की अवधि में 15 दिन की बढ़त हुई है। मानसून आगे खिसकने से इस बार सर्दी अधिक पड़ेगी, साथ ही रबी की फसल की बुवाई देर से होगी। ​​​​​​मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दो-तीन दिन बाद बारिश बंद हो जाएगी और ठंड का असर शुरू हो जाएगा।

बंगाल की खाड़ी की हवाएं बना रही दबाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-दक्षिण पूर्वी हवाओं के कारण पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इसके चलते यूपी, उत्तराखंड व अन्य क्षेत्रों में बारिश हो रही है। दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे इलाकों में हवा का दबाव कमजोर हुआ है। यह दबाव अब उत्तर भारत की ओर बन रहा है, ये भी बारिश की वजह है। इसे अलनीनो प्रभाव भी कह सकते हैं। बंगाल की खाड़ी से उठी हवाएं ही उत्तर भारत में दबाव बनाकर बरसात करा रही हैं।

ग्लोबल क्लाइमेंट चेंज का असर
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि के वेदर एक्सपर्ट डॉ. एन सुभाष कहते हैं कि हर साल रिट्रिविंग मानसून 15 सितंबर तक हो जाता है। इस बार अक्टूबर में आना चिंता की बात है। यह ग्लोबल क्लाइमेंट चेंज का ही इफेक्ट है कि रिट्रीविंग मानसून पूरे 20 दिन आगे बढ़ गया। पिछले कुछ सालों में रिट्रीविंग मानसून में थोड़ा बदलाव हमने देखा है। लेकिन इसका 20 दिन से अधिक आगे बढ़ना अच्छा नहीं है। धीरे-धीरे मौसम में ठंडक बढ़ेगी। इससे हवा की गुणवत्ता सुधरेगी।

देर तक बारिश के कारण बढ़ेगी ठंड
वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार उत्तर भारत में ज्यादा ठंड होने की संभावना है। अक्तूबर मिड तक बारिश हो रही है। पहाड़ों पर भी बरसात जारी है, नदियां उफान पर हैं। इसके चलते तराई वाले इलाकों में ठंड का असर ज्यादा रहेगा। मैदानी इलाके भी प्रभावित होंगे। ठंड जल्दी आकर लंबे समय तक रहेगी।

रबी की फसल की बुवाई पर विपरीत असर
कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर एस सेंगर कहते हैं अक्तूबर में किसान धान काटकर आलू, सरसों की बुवाई करता है। बरसात से आलू और काली, पीली सरसों की बुवाई में देरी होगी। लौकी, कद्दू, खीरा, गोभी, अदरक, बंदगोभी, बेलवाली फसलें खराब होंगी। इसलिए किसान खेत में पानी निकासी की व्यवस्था तुरंत करें। दशहरे बाद रबी की फसल की बुवाई होती है। अब खेत में पानी भरने के कारण रबी की बुवाई का टाइम निकल जाएगा। नबंवर की फसल और गन्ने के लिए पानी ठीक है। अमरुद, लीची, आंवला बागानों के लिए बरसात ठीक है। आम के पेड़ भी रिचार्ज हो जाएंगे।

धान की खरीद में होगी देरी
धान खरीद क्रय केंद्र प्रभारी सतेंद्र सिंह के अनुसार इस बेमौसम बारिश से धान की कटाई प्रभावित होगी। तैयार धान खेतों में है मगर कटा नहीं है अब उसमें नमी आ जाएगी। इसकी वजह से धान कटने में और देरी होगी। हर साल दशहरे के बाद धान खरीद शुरू कर देते हैं जो अब नहीं हो सकेगी। खादर में जहां खेतों में पहले से पानी भरा था, वहां अब और दिक्कत होगी। जिन किसानों ने देर से धान बोया था उसमें बारिश के कारण फंगस लग जाएगी, फसल खराब हो सकती है। बारिश से धान काला पड़ जाएगा। आगे की बुवाई के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिन किसानों ने देर से धान बोआ था उस पर फूल है फूल झड़ जाएगा। तैयार धान गिर जाएगा।

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