राजस्थान : 78 दिनों में पहले 5 हजार मरीज, अब 20 दिन में बढ़ गए पांच हजार मामले

जयपुर, । राजस्थान में कोरोना संक्रमण के कारण रोगियों की तादाद बीते 20 दिन में सर्वाधिक हुई हैं। केन्द्र व राज्य सरकार की पहल पर जिस तेजी से प्रदेश के गांवों में प्रवासियों की आवक हुई हैं, उससे संक्रमितों की तादाद में बढ़ोतरी साफ महसूस की जा सकती है। 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आंकडों के अनुसार राजस्थान में 2 मार्च को कोरोना का पहला केस सामने आया था।

आंकड़ा 14 अप्रैल को 1005 पर पहुंचा था। इसके बाद आंकड़े लगातार बढ़ते गए। इसके सिर्फ 10 दिन बाद 24 अप्रैल को कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2034 तक पहुंच गया। इसके भी 10 दिन बाद 4 मई को फिर कुल संक्रमितों का आंकड़ा 3061 पर जा पहुंचा। वहीं, 8 दिन बाद 12 मई को कुल पॉजिटिव की संख्या 4126 हुई। अब सिर्फ 5 दिन बाद ही 17 मई को यह संख्या 5000 के पार हो गई। पहले जहां कुल 78 दिनों में पहले 5000 केस सामने आए थे। वहीं, अब सिर्फ 20 दिनों में 5000 नए केस सामने आए हैं।

आठ जिलों में अब तक एक भी मौत नहीं: 

राजस्थान में कोरोना संक्रमण के कारण अब तक 219 मौतें होने के बावजूद सुकून इस बात का है कि राज्य के 8 जिलों में संक्रमण ने अब तक किसी भी व्यक्ति की जान नहीं ली हैं। बाड़मेर, बूंदी, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, झालावाड़ वे जिले हैं, जहां अब तक कोरोना ने एक भी संक्रमित की जान नहीं ली है। अब तक कोरोना से जो मौतें हुई हैं, उनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 106 मौतें दर्ज हुई हैं। 


चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े साफ करते हैं कि शुरुआती दौर में राज्य के सभी जिलों में न तो कोरोना संक्रमण की जांच की सुविधा थी और न ही बचाव के पूरे इंतजाम। ऐसे में जैसे-जैसे संक्रमण से पीडि़त गंभीर मरीज मिलते गए, वैसे-वैसे मरीजों को जयपुर रैफर किया जाता रहा। इस कारण जयपुर में मौतों का आंकड़ा सर्वाधिक हैं। इसके अलावा जोधपुर में 20, कोटा में 18, अजमेर में 9, नागौर, पाली व भरतपुर में 7-7, सीकर में 5, बीकानेर और चित्तौडग़ढ़ में 4-4, सवाई माधोपुर, सिरोही व करौली में 3-3, बारां, बांसवाड़ा, जालोर, अलवर व भीलवाड़ा में 2-2, झुंझुनूं, दौसा, राजसमंद, उदयपुर, चूरू, प्रतापगढ़ व टोंक में 1-1 संक्रमित व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इनके साथ ही दूसरे राज्य से आए 6 व्यक्ति की भी मौतें हुई है।

Back to top button
E-Paper