वजीरगंज पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में इंजेक्शन बरामद, 6 गिरफ्तार

लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट के पश्चिम जोन अंतर्गत वजीरगंज पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने स्वास्थ्य महकमे से जुड़े 6 ऐसे कालाबाजारीयो को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है जो जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी कर मजबूर मरीजों के जीवन को खतरे में डालकर खुद अपनी तिजोरियां भर रहे थे। वजीरगंज पुलिस ने लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया अस्पताल सहित दवा व्यवसाय से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार कर ब्लैक फंगस के इलाज में महत्वपूर्ण लाईपोजोमल इम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन जीवन रक्षक रैम डिरिसीवर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन कालाबाजारीयो के पास से ब्लैक फैंगस बीमारी में कारगर लाइपोजोमल इम्फोटेरिनासिन ठ के 28 इंजेक्शन और कोरोना की बीमारी में काम आने वाले 18 रैमडिसीवर इंजेक्शन आठ मोबाइल एक कार को 16000 बरामद किए हैं।

वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सिटी स्टेशन के करीब रफे आम क्लब के पास से मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किए गए मूल रूप से आजमगढ़ निवासी मोहम्मद साकिब, मूल रूप से टडियावा हरदोई के रहने वाले मोहम्मद आरिफ, ख्याली गंज कैसरबाग के रहने वाले मोहम्मद इमरान सिद्दीकी, रायपुर राजा इटौंजा के रहने वाले राजेश कुमार सिंह, नारायण गार्डन हरदोई रोड ठाकुरगंज के रहने वाले डॉक्टर मोहम्मद वामिक और हंस विहार कॉलोनी चिनहट के रहने वाले बलबीर सिंह को गिरफ्तार किया है । गिरफ्तार किया गया राकेश रिक्सन फार्मास्यूटिकल्स का फ्रेंचाइजी ऑनर है, मोहम्मद आरिफ केजीएमयू में इमरजेंसी में मेडिसिन में संविदा वार्ड बॉय है। मोहम्मद इमरान भी केजीएमयू में मेडिसिन विभाग में संविदा टेक्नीशियन के पद पर तैनात है। राजेश कुमार सिंह सर्जिकल ग्रुप का सेल्समैन बताया जा रहा है और डॉक्टर मोहम्मद वामिक राम मनोहर लोहिया, आई एम एस अस्पताल की इमरजेंसी के मेडिसिन विभाग में एमबीबीएस डॉक्टर के पद पर तैनात है । इसके अलावा बलबीर सिंह चिनहट स्थित चिनहट हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में फार्मेसिस्ट के पद पर तैनात है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी छह लोग गिरोह बनाकर जीवन रक्षक दवाओं को उनकी मूल कीमत से अधिक कीमत पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग जीवन रक्षक दवाओं की काला बाजारी कर मरीजों की जान को खतरे में डाल रहे हैं तो पुलिस ने मुखबिर तंत्र का जाल फैला दिया जिसके आधार पर पुलिस ने आज मरीजों के जीवन को खतरे में डालकर जीवन रक्षक इंजेक्शन को महंगे दामों में बेचने वाले सभी छह लोगों को रफेआम क्लब के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जीवन रक्षक इंजेक्शनों व दवाओं की कालाबाजारी करने वाले इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। इंजेक्शनों व दवाओं की कालाबाजारी कर मनमाने दामों में जीवन रक्षक इंजेक्शन बेचने वाले गिरोह को गिरफ्तार करने वाली पुलिस की टीम के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने 20 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान भी किया है। इंजेक्शनों व दवाओं की कालाबाजारी करने वाले गिरोह की लखनऊ में ये पहली गिरफ्तारी नहीं है इससे पहले भी लखनऊ पुलिस इस तरह के कालाबाजारीयो को गिरफ्तार कर जेल की हवा खिला चुकी है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वाले कुछ और चेहरे अभी उजागर होना बाकी है हालांकि सूत्र यहां तक बता रहे हैं कि दवाओं के इस खेल में पुलिस की जांच में कई बड़े चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।

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