सुहागिन का इस तरह चूड़ियाँ पहनना पति को बनाता धनवान, जानिए कैसे

कुछ चीजों का दौर कभी खत्म नहीं होता। पुराने समय से आज के आधुनिक समय तक भी यह चीज़ें ठीक वैसे ही इस्तेमाल की जाती हैं जैसे कि पहले होती थीं। इन्हीं चीज़ों की लिस्ट में से एक है महिलाओं द्वारा आभूषण के तौर पर पहनी जाने वाली ‘चूड़ियां”। यह गोलाकार चूड़ियां या कंगन हमेशा से ही स्त्रियों की सुंदरता को बढ़ाते आ रहे हैं। चाहे वह हाल ही में जन्मी नन्ही सी गुड़िया हो या फिर सफेद बालों वाली बुजुर्ग महिला। सभी को चूड़ियां पहनाने का रिवाज़ है। कुछ धर्मों में तो बच्ची के जन्म के साथ ही उसे शगुन के नाम पर चांदी के कंगन पहनाए जाते हैं।

यह चूड़ियां नव-विवाहित स्त्री के श्रृंगार को भी बढ़ाने के काम आती हैं। शादी के बाद तो जैसे इन्हें पहनना जरूरत-सा हो जाता है। चाहे वह प्राचीन समय की बात हो या आज का आधुनिक युग स्त्रियों के साज श्रृंगार में चूड़ियों को सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। भारत में चूड़ियां पहनने का रिवाज़ शायद इतना पुराना है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। ऐसा माना जाता है कि यह परम्परा देवी-देवताओं के युग से चली आ रही है। इसीलिए तो हिन्दू धर्म की सभी देवियों की तस्वीरों तथा मूर्तियों में उन्हें चूड़ी पहने हुए दिखाया जाता है

वही हमारे ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है की सुहागिन स्त्रियों की चूड़ियों का सम्बन्ध पति के भाग्य के साथ भी जुड़ा हुआ होता है इसीलिए महिलाओं की चूड़ियाँ पहनते समय कुछ बैटन का विशेष ध्यान रखना चाहिए |

कई बार ऐसा होता है की जब भी महिलाएं चूड़ियाँ पहनती है तो चूड़ियाँ पहनते समय कुछ चूड़ियाँ टूट जाती है जिसे हमारी माताएं बहने इन चूडियो को ऐसे ही जमीन पर पड़ी रहने देती जो की पैरो के नीचे पड़ती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि हम आपको बता दे ऐसा करने से पति को हानि का सामना करना पड़ता है,इस लिए अगर चूड़ी टूट जाये तो उन चूडियो को पहले 3 बार अपने मस्तक में लगाए फिर किसी कागज या पन्नी में लपेटकर इसे अच्छी जगह या किसी पेड़ की नीचे रख देना चाहिए |

कई बार चूड़ियाँ पहनते समय कुछ चूड़ियाँ चटक जाती है लेकिन इसके बावजूद भी महिलाएं इन्हें पहन लेती है लेकिन हम आपको बता दे हाँथ में चटकी हुई चूड़ियाँ पहनने से पति का दुर्भाग्य शुरू हो जाता जाता है और सभी जगह पर पति को हानि का सामना करना पड़ता है |इसीलिए कभी भी भूल से भी हांथों में चटकी हुई चूड़ियाँ ना पहने |

सुहागिन महिलाओं को चूड़ियाँ पहनते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए की दोनों हांथों में बराबर चूड़ियाँ कभी नहीं पहननी चाहिए यानी की दाए हाथ में आपने जितनी चुडिया पहनी है बाए हाथ में आप एक दो चूड़ियाँ अधिक पहने क्योंकि ऐसा करने से पति पत्नी में भी विवाद होने लगता है |इसलिए अगर आपके हाथ में ऐसी चूड़ियां है तो बिना किसी देरी के इसको निकाल दे |

हमारे शास्त्रों में बताया गया है की महिलाओ को कभी भी बाल खोल कर चूड़ीयां नहीं पहनना चाहिएबल्कि आप पहले बालो में कंघी कर बाल बना ले फिर आप अपने हाथो में चूड़ियाँ पहनने. यदि आप ऐसा नहीं करती तो इससे आपके पिता और भाई पर कर्ज बढ़ता है और साथ ही इसके वजह से पति पत्नी के बीच मनमुटाव भी होने लगता है साथ ही इसका असर ससुराल और मायके दोनों पर ही बराबर होता है

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