हफ्तों भूखे रहीं, 1 कपड़े पर महीनों जिंदगी कटती, हार नहीं मानी, अब लाखों महिलाओं के लिए हैं मिसाल

कौन बनेगा करोड़पति के कर्मवीर एपिसोड में पद्मश्री फूल बासन यादव पहुंच रही हैं. उनके काम की तारीफ़ देश-दुनिया में होती रहती है. वह लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं. उनके साथ एक्ट्रेस रेणुका शहाणे भी नजर आएंगी.

फूलबासन बचपन में अपने माता-पिता के साथ चाय के ठेले पर कप धोने का काम करती थीं. उनके घर में सिर्फ़ एक टाइम भोजन की व्यवस्था होती थी. कई बार तो हफ्तों खाना नहीं मिलता था. एक कपड़े में ही महीने निकल जाते थे.

फूलबासन की शादी 12 साल की उम्र हो गई थी. कुछ साल में ही उनके चार बच्चे हो गए. आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी और वह बच्चों के साथ भूखे रहती. लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी. इसके बाद वह गरीबी, कुपोषण और बाल-विवाह के खिलाफ़ संघर्ष करने लगीं.

उन्होंने 10 महिलाओं का एक ग्रुप बनाया और 2 मुट्ठी चावल और हर हफ्ते 2 रुपये जमा करने की योजना बनाई. हालांकि, उनकी ये मुहिम उनके पति को पसंद नहीं आई. इसके बाद समाज के लोग भी कहने लगे कि वह पागल हो गई हैं. वह परंपरा के खिलाफ काम कर रही हैं. लेकिन, फूलबासन नहीं रुकीं.

इसके बाद उन्होंने अपनी टीम की मदद से बम्लेश्वरी ब्रांड से आम और नींबू के अचार तैयार किए और छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बेचा. इसके साथ ही अगरबत्ती, वाशिंग पाउडर, मोमबत्ती और बड़ी पापड़ भी बनाने लगीं. इससे 3 लाख महिलाओं को रोजगार मिला.

वह समाजिक कार्य जैसे वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, सोख्ता गड्ढा का निर्माण, सिलाई-कढ़ाई सेंटर, बाल भोज, रक्तदान, सूदखोरों के खिलाफ अभियान, शराब के खिलाफ अभियान, बाल विवाह, दहेज प्रथा के खिलाफ भी आंदोलन चलाईं.

साल 2004-5 में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार ने सम्मानित किया. इसके बाद नाबार्ड की तरफ से राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया.साल 2010 में स्त्री शक्ति अवार्ड भी मिल चुका है.

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