
Ram Navami 2025: आज पूरे देश में रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. हालांकि इस बार बंगाल में रामनवमी खासा चर्चा में है. इसकी दो बड़ी वजहें हैं — एक, 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव; और दूसरी, कलकत्ता हाईकोर्ट का वह आदेश, जिसमें बंगाल पुलिस के फैसले को पलटते हुए हिंदू संगठनों को जुलूस निकालने की इजाजत दी गई है.
कोलकाता की सड़कों पर भगवा झंडों के पोस्टर तेज़ी से लगाए जा रहे हैं और हिंदू संगठनों ने लोगों से घरों पर भगवा झंडा लगाने की अपील की है. दूसरी ओर रविवार को निकलने वाले जुलूस के दौरान हिंसा की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है. राज्य में धारा 144 जैसी व्यवस्था और फोर्स की तैनाती की गई है. हाई अलर्ट जारी है और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. नबान्न सचिवालय भी खुला रहेगा और प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे.
बिहार में राम नवमी पर सियासत
बिहार की बात करें तो यहां भी रामनवमी को लेकर खास तैयारी है, लेकिन पटना समेत 26 जिलों में डीजे बजाने पर रोक लगाई गई है. प्रशासन का मानना है कि इससे माहौल शांत रहेगा. पटना में ही लगभग 50 जगहों पर रामनवमी जुलूस निकलने की सूचना है. चूंकि राज्य में इस साल चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए नीतीश सरकार हर फैसले में संतुलन साधने की कोशिश कर रही है.
रामनवमी को लेकर बंगाल पुलिस अलर्ट मोड में
रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं. विशेष रूप से 10 संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए 29 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है. इसमें छह पुलिस आयुक्तालय और चार जिला पुलिस क्षेत्र शामिल हैं—हावड़ा, बैरकपुर, चंदननगर, मालदा, इस्लामपुर, आसनसोल-दुर्गापुर, सिलीगुड़ी, हावड़ा ग्रामीण, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार. हावड़ा जिले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जहां पूर्व में कई बार हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं. यहां छह वरिष्ठ अधिकारी कानून-व्यवस्था पर नजर रखेंगे. राज्य सरकार ने इस बार नबान्न को भी खुला रखने का फैसला किया है. एडीजी (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम खुद कंट्रोल रूम से निगरानी करेंगे. राज्यभर में करीब 250 रामनवमी जुलूस निकलने की संभावना है. सभी जुलूसों को केवल तय रूट पर ही अनुमति दी गई है.
कोलकाता में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
कोलकाता में करीब 6,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. हेस्टिंग्स, चितपुर, रामलीला मैदान, बॉन्डेल गेट और खिदिरपुर जैसे इलाकों में पुलिस पिकेट्स लगाए गए हैं. 800 से 1,200 लोगों के शामिल होने वाले बड़े जुलूसों के लिए डिप्टी कमिश्नर रैंक के अधिकारी तैनात किए गए हैं. ड्रोन से निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. छोटे जुलूसों में बॉडी कैमरा से लैस पुलिस कर्मी साथ चलेंगे.
तेज़ कार्रवाई के लिए QRT, PCR और सादे कपड़ों में अधिकारी
त्वरित कार्रवाई के लिए QRT, HRFS और PCR वैन को सक्रिय किया गया है, कुछ सादे कपड़ों में अधिकारी ऊंची इमारतों से जुलूसों पर नजर रखेंगे. कोलकाता में 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से आधी रात तक मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा, हालांकि दूध, सब्जी और ईंधन जैसी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है.
सभी छुट्टियां रद्द, पुलिसकर्मी अलर्ट पर
राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां 9 अप्रैल तक रद्द करने का आदेश दिया है. हर जिले और पुलिस ज़ोन में अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की ज़िम्मेदारी संभालेंगे. पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत काबू में लें और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग भी करें.