नई दिल्ली (ईएमएस)। शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर एक आम निवेशक पर होगा। इसमें आईपीओ की लिस्टिंग, एनसीडी (एनसीडी) की लिस्टिंग, किसी एक विशेष कॉरपोरेट हाउस में जरूरत से ज्यादा निवेश करने वाले एफपीआई के लिए अतिरिक्त डिस्क्लोजर देना होगा। माना जा रहा था कि इस बार म्यूचुअल फंड में टीईआर को नियमों पर कोई ऐलान हो सकता है।
सेबी की ओर से लिए गए फैसले के मुताबिक, अब एक विशेष कॉरपोरेट में पैसा लगाने वाले एफपीआई को नया नियम आने के बाद एक अतिरिक्त डिस्क्लोजर देना होगा। इसमें एफपीआई को अपने स्ट्रक्चर से लेकर किस मकसद से उस कंपनी में निवेश किया जा रहा है। ये बताना होगा। सेबी ने शेयर बाजार में नए आईपीओ की लिस्टिंग के समय को घटाने का फैसला किया है। अब आईपीओ बंद होने के तीन दिनों के अंदर ही लिस्टिंग हो सकती है। शुरुआत में पहले चरण में स्वैच्छिक रूप से ये नियम लागू होगा। जो कि एक सितंबर 2023 से शुरू होगा। इसका दूसरा चरण दिसंबर 2023 से लागू होगा। सभी आईपीओ इश्यू पर लागू हो जाएगा।
नॉन कन्वर्टिबल डेट सिक्योरिटी को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। जो एक जनवरी से लागू होने हैं। इसके बाद नॉन कन्वर्टिबल डेट सिक्योरिटी की लिस्टिंग और स्वैच्छिक आधार पर डीलिस्टिंग की जा सकेगी। बता दें, इस बार की बैठक में म्यूचुअल फंड में टीईआर (टोटल एक्सपेंस रेश्यो) को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है।