12 साल गुजर गए, गरीबों को नसीब नहीं हुई छत

लावड़ में बनाए गए थे बीएसयूपी आवास योजना के तहत मकान

भास्कर समाचार सेवा
मेरठ/लावड़। मीठापुर मार्ग पर बीएसयूपी आवास योजना के अंर्तगत गरीबों के लिए आवासों का निर्माण कराया गया था। 12 साल गुजर जाने के बावजूद गरीब पात्रों का छत नसीब नहीं हुई। लापरवाही का आलम ये है, इन मकानों के अंदर अब आवारा पशुओं ने डेरा डाल लिया है, लोगों ने गोबर के उपले भर दिए हैं। जर्जर अवस्था में आ चुके ये मकान खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।
गौरतलब है, 12 साल पहले डूडा की ओर से बीएसयूपी योजना के तहत मीठापुरा मार्ग पर 120 आवासों का निर्माण कराया गया था। अभी तक किसी भी पात्र लाभार्थी को आवासों का आवंटन नहीं किया गया। ये निर्माण तैयार हुए भी दशकों गुजर चुके, लेकिन पात्र अभी तक वंचित है। नगर पंचायत की अनदेखी के चलते इन मकानों में अब आवारा पशुओं ने अपना डेरा जमा लिया है। लोगों ने भी गोबर से बने उपलों को यहां डालना शुरू कर दिया है। नगर पंचायत द्वारा भी यहां कूड़ा डाला जा रहा है। मकान पूरी तरह से खंडहर हो चुके हैं। इसके अलावा असामाजिक तत्वों का भी दिन छुपते ही जमावड़ा लग जाता है।

मकान हुए जर्जर

नगर पंचायत व डूडा ऑफिस के गरीब चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पात्र गरीबों की कोई अधिकारी नहीं सुन रहा। करोड़ों की लागत से तैयार हुए आवास खाली होने के कारण जर्जर हो रहे हैं।
इस संबंध में ईओ लावड़ सुधीर सिंह का कहना है, 120 आवासों का निर्माण कराया गया है, गत दिनों एसडीएम ने निरीक्षण किया था। अनियमित्ता मिलने के बाद आवंटन नहीं हुआ। निर्माण भी अभी अधूरा है। मकान निर्माण पूरा होने के बाद पात्रों को आवंटन कर दिया जाएगा।

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