
उन्नाव(भास्कर)। पास्को विशेष न्यायाधीश व अधिवक्ताओं के बीच की नोकझोक ने बड़ा रूप ले लिया है। सेवानिवृत्त की मांग के साथ साथ जज की ओर से दी गयी तहरीर पर एफआईआर भी दर्ज की गई।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश पास्को प्रह्लाद टंडन और अध्यक्ष बार एसोसिएशन राम शंकर की अगुवाई में निकले वकीलों के बीच विवाद हो गया। उक्त विवाद में न्यायाधीश ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वकीलों पर आरोप लगाते हुए बताया कि गुरुवार अधिवक्ताओं ने उनके चेंबर में आकर कुर्सी मेज तोड़ी तथा उनका मोबाइल छीन उनके साथ मारपीट तथा धक्का मुक्की की।
समझौते के कयास लगाए हुए पुलिस ने पूरे दिन मुकदमा दर्ज नही किया मामले समय के साथ तूल पकड़ता गया और न्यायाधीश ने घटना से आहत हो रजिस्ट्रार जनरल हाईकोर्ट, चीफ जस्टिस हाईकोर्ट, राज्यपाल को एक पत्र भेजा जिसमे उन्होंने पारिवारिक हवाला देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की। विशेष न्यायाधीश ने वीआरएस मांगने की चर्चाए तेज़ होने के बाद कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। वही बार एसोसिएशन अध्यक्ष राम शंकर यादव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश से कोई विवाद नही है जो बात थी उसे जीजा जज ने दिनों लोगो को आपदा में बैठा कर निस्तारण कर दिया है तभी हमने कार्य बहिष्कार के फैसले को वापस ले लिया है। अधिवक्ताओं द्वारा कहा गया कि यदि मुकदमा दर्ज हुआ है तो हम न्यायिक तौर पर कार्यवाही की मांग करेंगे।