
- पडुआ रोड गहरे गहरे गडढ़ो में हुआ तब्दील
मैनपुरी। कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में सैंकड़ो गांवों को जोड़ने वाला मार्ग पडुआ रोड दुर्दशा का शिकार है। यह पूरा ही मार्ग गहरे गहरे गडढ़ो में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर ग्रामीणों में सरकार के नेताओं के प्रति आक्रोश खुलेआम देखा जा सकता है।
गौरतलव है कि एक तरफ भाजपा नेता सरकार को बने चार साल होने पर कराए गए विकास कार्यो की उपलब्धि को लेकर जनता के बीच जाकर गुणगान कर रहे हैं। लेकिन कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र का सैंकड़ो गांवों को जोड़ने वाला मार्ग सरकार की चार साल की उपलब्धि पर पर्दा डालता हुआ नजर आ रहा है। पडुआ रोड की शुरुआत पडुआ चैराहे से हुई है। मार्ग पर गहरे गहरे गडढो की शुरुआत मार्ग के शुरुआत से ही हो जाती है। इस मार्ग पर जहां तक भी जाओ गडढो में सिलसिला खत्म नही हो जाता है। अगर भाजपा नेता इस मार्ग पर एक दिन गाड़ी से निकलकर घूम आएंगे तो लोगों को लगता है वह नेता अगले ही दिन से सरकार के चार साल की उपलब्धि क्षेत्र में गिनाने नहीं जाएंगे।
ज्ञात हो कि यह पडुआ मार्ग सूवे की सरकार में कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री के विधानसभा क्षेत्र में है। इस मार्ग को देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि भाजपा सरकार के पिछले चार साल में विकास कार्य हुआ है। इस मार्ग की दुर्दशा इतनी ज्यादा है लोग मार्ग पर जाने के बाद सरकार को और अपने जनप्रतिनिधि को कोसते हुए नजर आते हंै।
ग्रामीणों ने व्यक्त किया आक्रोश
क्षेत्र के गांव इमिलिया निवासी ग्रामीण चन्द्र भान सिंह, राजेश कुमार, ग्रीश चन्द्र, चिन्टू सिंह, कछपुरा निवासी ग्रामीण राजेश कुमार, गोविन्द कुमार, मोनू सिंह, प्रदीप कुमार, नसीपुर निवासी ग्रामीण बबलू, अवधेश सिंह, मुनीश, इन्द्रेश कुमार, उमेश कुमार आदि ने मार्ग के टूटे होने पर आक्रोश व्यक्त किया है।
ग्रामीणों ने आक्रोश में कहा 2022 में देगें जबाब
इस मार्ग पर चलते हुए जब हमारी टीम ने हकीकत को जांचा परखा और लोगों से बात की तो उनके सीने में सरकार के प्रति आग धधक रही थी। वह आक्रोशित हुए कह रहे थे कि वह मार्ग की दुर्दशा पर कर तो कुछ नहीं सकते हां इतना जरुर है आगामी 2022 में दखेगे कि कौन सा प्रत्याशी वोट मांगने आता है और किस मुंह से आएगा। ग्रामीण कहते हंै कि 2022 में वह काम न कराने वाले नेता से बात भी करना उचित नहीं समझेंगे।