सुलतानपुर : तीन सरकारे आयी-गयी लेकिन नहीं बना विद्यालय का रास्ता

माडल इण्टर कालेज

जयसिंहपुरसुलतानपुर। बालको को अच्छी शिक्षा मिल सके इसके लिए क्षेत्र में एक दशक पूर्व राजकीय माडल इंटर कॉलेज की नींव रखी गई। जिसका लोकार्पण पांच साल बाद हुआ और लोकार्पण के करीब दो साल बाद विद्यालय में पठन पाठन कार्य शुरू हो सका। लेकिन जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों की अनदेखी में विद्यालय का भवन तो बन गया किन्तु विद्यालय तक जाने का रास्ता नही बन पाया। जिससे बच्चो को पढ़ने के लिए आज भी मजबूरन घास फूस वाली जगहों से होकर जाना पड़ता है। बरसात के दिनो मे बच्चो को कीचड़ युक्त पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

बताते चलें कि जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के कूरेभार विकासखंड में स्थित बुआपुर गांव में करोड़ों की लागत से बने पं0 दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज की नींव करीब एक दशक पूर्व तत्कालीन बसपा सरकार में क्षेत्रीय विधायक ओपी सिंह ने रखी थी। इसके बाद पूर्व विधायक अरुण वर्मा ने विद्यालय का निर्माण कार्य पूरा कराते हुए 19 दिसंबर 2016 को इसका लोकार्पण करवाया था। लोकार्पण के करीब दो साल बाद भाजपा सरकार में क्षेत्रीय विधायक रहे सीताराम वर्मा ने विद्यालय में प्रथम शैक्षिक सत्र का शुभारंभ कराया। क्षेत्र में राजकीय मॉडल इंटर कालेज के खुलने से बच्चो और उनके अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। अभिभावकों ने सोचा कि मॉडल कॉलेज बनने से अब बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और उन्हें अच्छी शिक्षा मिलेगी। लेकिन तीन अलग अलग सरकार के कार्यकाल में विद्यालय का भवन तो बन गया किन्तु सरकार विद्यालय तक जाने के लिए रास्ता बनाना भूल गई। जिससे बच्चे घास फूस वाली पगडंडी से होकर विद्यालय आने जाने को विवश है। बच्चों को सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनो में होती है। बरसात के समय चारों तरफ खेतों में पानी ही पानी भरा होता हैं। बच्चे पगडंडी वाले रास्ते से कीचड़ और पानी भरा होने के कारण विद्यालय जाने को विवश हैं। जिससे बच्चे गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं और उनके कपड़े भी खराब होते रहते हैं। साथ ही उनको जहरीले जंतुओं के काटने का भय भी बना रहता है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज बुआपूर में कक्षा छः से लेकर इंटर तक कुल 317 बच्चे है। जो रोजाना खेतो की मेड़ों से होकर कॉलेज जाते है। इस संबंध में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अब्दुल कादिर ने बताया कि विद्यालय के रास्ते मे पड़ने वाली कुछ जमीन गाँव के छोटे किसानों की है। जिनसे मौजूदा ग्राम प्रधान कामता सिंह बात कर उन्हें उतनी जमीन दूसरी जगह पट्टा देने को लेकर बात कर रहे हैं। सहमति होने पर जल्दी ही विद्यालय तक मिट्टी पटाई का कार्य पूरा कर उस पर ईंटा लगवा दिया जायेगा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल कॉलेज बुआपुर से सटकर एक प्राथमिक विद्यालय बुआपूर भी है। जहां अधिकारियों की अनदेखी से रोजाना मासूम बच्चे अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने हेतु कड़ी मशक्कत कर स्कूल पहुंचते है।

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