
अखिल भारतीय पंचायत परिषद् के संस्थापक अध्यक्ष बलवंत राय मेहता की 124 वीं जयंती को राष्ट्रीय कार्यालय में बड़े ही धूम धाम से मनाया गया, जिसमें देश भर से आये हजारों लोगों ने प्रतिभाग किया | इस अवसर पर अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अध्यक्ष सुबोध कान्त सहाय के नेतृत्व में अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यसमिति व महासमिति बैठक का आगाज किया गया। इसे पंचायत सशक्तिकरण के लिए देशव्यापी मंथन नाम दिया गया है | जिसमे देश के 22 राज्यों के पंचायत परिषद के पदाधिकारी (प्रदेश अध्यक्ष / प्रदेश संयोजक, कार्यसमिति एवं महासमिति के सदस्य ) शामिल हुए। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय पंचायत परिषद के संरक्षक, पूर्व राज्यसभा सदस्य व बीजेपी के संस्थापक सदस्य एवं राज्य सभा के सदस्य डी पी रॉय शामिल रहे।
अखिल भारतीय पंचायत परिषद के संस्थापक अध्यक्ष गुजरात राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता की जयंती के मौके पर अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करके उनके जीवन पर प्रकाश डाला तथा उनके मार्ग पर चलकर त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया उन्होंने कहा जब तक ग्राम पंचायत मजबूत नहीं होगी तब तक देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचेगा और देश मजबूत नहीं होगा ।
सुबोध कांत सहाय ने आगे कहा कि पंचायत सशक्तिकरण के लिए यह देशव्यापी मंथन कराया जा रहा है। इससे हमें पंचायतों को मजबूत करने के लिए ढेर सारे सुझाव मिलेंगे । इन सुझावों के आधार पर पंचायत परिषद की टीम हर राज्य में जाकर पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी और पंचायत से जुड़े मुद्दों पर सुझाव पेश करेगी । जहाँ जहाँ जरूरत पड़ेगी वहां पंचायत परिषद का प्रतिनिधिमंडल जाकर पंचायतों में जागरूकता और ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाएगा । आरके सिन्हा नें बलवंत राय मेहता के द्वारा देश के लिए दिए गए योगदानों पर बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने पंचायती राज के त्रिस्तरीय मॉडल को बनाने में अपना अहम योगदान दिया, पंचायत की अवधारणा भारत में प्राचीन काल से हैं चन्द्रगुप्त काल में विहार के बैशाली में पंचायत का उल्लेख पाया जाता है।
सिन्हा नें आगे बताया कि मेहता आजाद भारत के पहले शहीद थे जिन्होंने भारत पाक-युद्ध के दौरान पाक सेना के हमले में अपनी जान गवाई। मेहता के द्वारा दिए गए सुझावों से कानून तो बन गया है लेकिन अभी उसका क्रियान्वयन होना बाकी है “आज महिलाओं का मुखिया बनना संभव तो हुआ है लेकिन महिला मुखिया के अधिकारों का प्रयोग ज्यादातर मामलों में मुखिया पति या उसके परिजन ही कर रहे हैं | इसके लिए सरकार को नई रणनीति के तहत कार्य करने की जरूरत है | इस मौके पर राज्य सभा के पूर्व सदस्य डेबा प्रसाद राय ने कहा कि 73 वां संविधान संसोधन पंचायतों में त्रिस्तरीय मॉडल को लागू करने के लिए किया गया था लेकिन अबतक वह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका है गावं की सरकारें आज भी राज्यों के भरोसे पर चलती हैं | गावों को आत्मनिर्भर बनाये जाने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है |
पंचायतों में हरियाली बढ़ाने के लिए पंचायत परिषद एवं गिव मी ट्रीज ट्रस्ट आये साथ-साथ
अखिल भारतीय पंचायत परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि पंचायतों में हरियाली बढ़ाने के लिए पंचायत परिषद देशव्यापी अभियान अभियान चलाएगा | गिव में ट्रीज के संस्थापक पीपल बाबा की टीम से विनीत वोहरा ने पंचायतों में हरियाली बढाने के लिए एआईपीपी के अभियानों में साथ काम करने के वायदा किया । आने वाले दिनों में गिव मी ट्रीज ट्रस्ट पंचायतों में हरियाली बढ़ाने के लिए, पंचायत परिषद के ट्रेनिंग कार्यक्रमों में अपने एक्सपर्ट भेजने पर सहमती जताई। परिषद के मीडिया सलाहकार बद्री नाथ ने कहा कि परिषद के मुखपत्र पंचायत संदेश में गावों की समस्याओं को प्रमुखता से जगह दिया जा रहा है और हर राज्य से रिपोर्ट भी प्रकाशित हो रहा है ।
यह पत्रिका देश के सभी जन प्रतिनिधियों तक पहुचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार इस पत्रिका के माध्यम से पंचायत से लेकर पार्लियामेंट के बीच एक बेहतर संवाद कायम किया जायेगा । कार्यक्रम में पूर्व सांसद विष्णु प्रसाद , महामंत्री मुख्यालय अनिल शर्मा, महामंत्री ध्यान पाल सिंह, गोवा से फ्रांसिस फर्नांडिस, पश्चिम बंगाल से एस राय चौधरी, तेलंगाना से जलील, कर्नाटक से जेबा सेल्वन, झारखण्ड से सुन्दरी तिर्की, तमिलनाडु विधान सभा के पूर्व विधायक मनोहरन आदि समेत हर राज्यों से आये प्रतिनिधि शामिल रहे ।