
शहजाद अंसारीबिजनौर।
एनआरसी और सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस व प्रशासन की पूरी तैयारी को धता बताते हुए जनपद में जगह जगह प्रदर्शनकारियों द्वारा 20 दिसम्बर 19 को बवाल किया था। नगीना पुलिस ने कार्रवाही करते हुए पथराव करने के आरोप में 83 लोगो को नामजद कर मौके से 79 प्रदर्शनकारियों को बवाली बताते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस की विशेष टीम ने तीन माह से अधिक की मशक्कत के बाद सात अन्य लोगों को मामले में संलिप्तता पाते हुए चार्जशीटेड किया है। चार्जशीट दाखिल होने व नये लोगों के नाम आने से एक बार फिर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
एनआरसी और कैब के विरोध में 20 दिसम्बर 19 को पूरे भारत समेत बिजनौर के नगीना में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन की आड में उस दिन दंगाईयों द्वारा पुलिस पर पथराव भी किया गया था। नगीना पुलिस ने 83 नामजद व लगभग 150 अज्ञात बवालियों के खिलाफ दर्जन भर से अधिक गंभीर धाराओं में मु0अ0 संख्या 0521/19 दर्ज किया था। पुलिस ने एक मकान में छुपे 79 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मुकदमा दर्ज होते ही नगीना थाने में पूर्व में तैनात चर्चित दरोगा जितेन्द्र कुमार व सिपाही मानसिंह ने आरोपियों को छोडने के लिए अवैध वसूली शुरु कर दी थी। शिकायतों के बाद शासन ने इस मांमले की जांच नजीबाबाद सर्किल में ट्रांसफर कर दी। विवेचना अधिकारी इंसपेक्टर क्राईम सुनील यादव द्वारा मौके से गिरफ्तार 79 लोगों के विरूद्ध 21 मार्च 2020 को चार्जशीट दाखिल कर दी थी जबकि इस मामले में फरार चल रहे चार नामजद आरोपी जीशान पुत्र सरफराज अंसारी, अब्दुल्ला, शिब्बू व शाहवेज तथा नये नाम परवेज पाशी पुत्र अनीसुर्रहमान, अब्दुल्ला पुत्र तौसीफ आलम, आदिल पुत्र नसीम अहमद, नाजिम पुत्र फैजुल्ला, अफजाल उस्मानी पुत्र मुन्ने हसन सहित सात आरोपियों के विरूद्ध बीती 17 अगस्त 20 को चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अपने नाम बढ़ने की संभावना से आशंकित हुए लोगों ने राहत की सांस ली है क्योंकि पुलिस ने इस मुकदमें में नगर के 150 लोगों को अज्ञात में दर्शाया था। वहीं चार्जशीट में सात नये लोगों के नाम आने से एक बार फिर इस बहुचर्चित मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।