
बीस करोड़ से होगा पक्का निर्माण शासन को भेजा गया स्टीमेट
अवैध अतिक्रमण को हटवाने के लिए तैयार हो रहा खाका गिरेगी अलीशान बिल्डगे
जरवल/बहराइच। सब कुछ ठीक रहा तो शासन से जरवल नगर पंचायत के तीन किलोमीटर लम्बे करई झील के पक्के निर्माण के लिए तकरीबन बीस करोड़ रुपयो की सौगात जल्द ही मिल सकती है। जिसके लिए जरवल के निकाय प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक इसकी कवायद शुरू भी हो चुकी है। यदि करई झील (नाला) का पक्का निर्माण हो जाता है तो कस्बे के गन्दे पानी को झील मे आसानी से गिरया जा सकता जिससे कस्बे की सड़कों व घरो मे भरने वाले गन्दे पानी से लोगो को निजात भी मिल जावेगी। वैसे मौजूदा समय मे करई झील के दोनों ओर अवैध तरीके से तीन किलोमीटर की परिधि मे सैकड़ो की तादात मे रसूकदार व पैसा वाले लोगो ने जरवल के कटरा से लेकर मासूक नगर तक स्थाई व अस्थाई निर्माण भी करवा लिए है जिन्हे अब तक खाली नही करवाया गया जिससे करई झील की सूरत नाले जैसी हो गई है जिस कारण कस्बे का गन्दा पानी उक्त झील (नाला) मे न जाकर सड़को पर ही बरसात के समय ही नही हमेशा बहा करता है।
लाखो रुपयों से शुरू हुई करई झील की सफाई
जरवल।बरसात को देखते हुए व नगर के वार्डो मे गन्दे पानी के भराव को देखते हुए कस्बे की तीन किलोमीटर की लम्बी करई झील(नाला)की सफाई का कार्य तकरीबन आठ लाख रुपयों की लागत को खर्च कर निकाय प्रशासन करवा रहा है।ईओ देव कुमार का कहना है कि शासन को झील के पक्के निर्माण के लिए पत्रावली भी भेजी गई है।
ग्यारह जुलाई को प्रमुख सचिव ने करई झील के पक्के निर्माण व अवैध कब्जा हटवाने का दिया था आदेश
जरवल। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की प्रमुख सचिव/नोडल अधिकारी अनीता सिंह ने ग्यारह जुलाई 2020 को जरवल दौरे पर जब आई थी तो उन्होंने करई झील पर अवैध अतिक्रमण व पक्के निर्माण के साथ झील की सफाई के लिए डीएम बहराइच के अलावा ईओ नगर पालिका बहराइच के अलावा ईओ जरवल देव कुमार को सख्त निर्देश दिए थे कहा था शासन को प्रस्ताव भेजो धन उपलब्ध करवा दिया जावेगा।
इस तरह दो पार्ट मे होगा करई झील का निर्माण ये होगी लागत
जरवल। नगर के वार्ड अहमद शाह नगर व मदरसा टोला मे लड्डन के मकान से निजामुद्दीन अंसारी के मकान तक पाँच करोड़ बयालिस लाख पिच्छासी हजार रुपयों मे फिर वार्ड वैराकाजी,जामा मस्जिद व मासूक नगर तक लखनऊ-बहराइच मार्ग से शमशान घाट तक दस करोड़ पिच्चासी लाख सात हजार रुपयों की लागत से दो किलोमीटर लम्बे परिधि मे करई झील का निर्माण होगा।साथ ही निकाय प्रशासन को झील की भूमि पर अवैध तरीके से काबिज लोगो से अवैध कब्जा हटवाने की कार्यवाही भी करनी होगी।लेकिन यदि निकाय प्रशासन मे किसी प्रकार की कार्यवाही मे खोट दिखी तो शासन के कानूनी चाबुक से गर्दन भी नापी जा सकती है।
सैकड़ो लोगो पर हो चुकी है 115 सी की कार्यवाही फिर भी नही हट सका अवैध अतिक्रमण
जरवल। नगर के करई झील की बेशकीमती जमीनो पर अवैध रूप से काबिज लोगो से कब्जा हटवाने के लिए तहसील प्रशासन ने माननीय उच्चन्यायालय के अनुपालन मे सैकड़ो लोगो पर 115 सी की कार्यवाही तो कर दी लेकिन अवैध कब्जा नही हटवाया गया जिसमें तहसील व निकाय प्रशासन की संदिग्ध भूमिका रही जिससे करोड़ो की सरकारी भूमि पर लोग कुण्डरी मारे बैठे हैं।