एक और बुराड़ी कांड : चाँद घंटो में पूरा परिवार हुआ ख़त्म…

गोपाल त्रिपाठी 
कर्ज में डूबे व्यापारी ने परिवार संग की खुदकुशी, मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया
-पत्नी, एक बेटे व दो बेटियों को जहर देकर मारा और फिर ट्रेन से कट गया
-ट्रेन के सामने कूदने से पहले बेटे को फोन पर दिए घटना के संकेत
गोरखपुर। कर्ज में डूबे शहर के तेल घी के व्यापारी ने परिवार को जहर देकर मार दिया और फिर खुद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मरने वालों में व्यापारी के अलावा पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां शामिल हैं। अब परिवार में किराये पर मकान लेकर रहने वाला सिर्फ एक बेटा बचा है। मरने से पहले बड़ी बेटी का बयान यह बता रहा है कि पूरे परिवार ने रजामंदी के साथ खुदकुशी की है। चाय में जहर मिलाकर पीने की बात सामने आ रही है।
राजघाट थाना क्षेत्र के हसनगंज निवासी रमेश चंद गुप्ता महेवा मंडी में तेल-घी का कारोबार करते थे। रविवार को इनके पूरे परिवार के मरने की खबर से पूर इलाका दहल उठा। जिसने भी सुना, व्यापारी रमेश गुप्ता के घर की ओर दौड़ पड़ा। थोड़ी ही देर में रमेश के दरवाजे पर भारी हुजूम जमा हो गया था। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि 50 वर्षीय रमेश चंद गुप्ता का परिवार एक छोटे से मकान में रहता है। शनिवार की रात में किसी समय रमेश गुप्ता ने अपनी पत्नी 45 वर्षीय सरिता, 20 वर्षीय बेटी रचना उर्फ लवली, 15 वर्षीय बेटी पायल तथा 10 वर्षीय बेटा आयूष को जहरीला पदार्थ पिला सुला दिया। रोजाना की तरह सुबह 8.30 बजे सीढ़ियों से नीचे उतरे और हार्बट बांध होते हुए सूरजकुड रेलवे ट्रैक की तरफ चले गए। बाद में उसकी लाश ट्रैक के पास मिली। बड़े बेटे रजत के मुताबिक मरने से पहले उन्होंने फोन कर बताया था कि उसकी बहन की तबीयत खराब है और वह डाक्टर के पास नम्बर लगाने जा रहे हैं। उन्होंने रजत से घर पहुंचने को कहा था। परिवारीजनों के मुताबिक रमेश के घर से निकलने के कुछ देर बाद ही बड़ी बेटी रचना कमरे से किसी तरह से बाहर आंगन तक आई और वहीं से नीचे मौजूद अपनी भाभी (चचेरे भाई की पत्नी ) को आवाज देने लगी। भाभी पूर्णिमा ऊपर गई तो कमरे का मंजर देखकर दंग रह गई। रचना की मां सरिता, बहन पायल तथा छोटा भाई आयूष मृत पड़े हुए थे। उनकी हालत ऐसी ही थी नींद में ही मौत के आगोश में चले गए हों। मंजर देख पूर्णिंमा चींखने लगी जिसके बाद परिवार के अन्य लोग आए और पुलिस को सूचना दी गई। रचना को मेडिकल कालेज पहुंचाया गया मगर दोपहर तक उसने भी दम तोड़ दिया।
रचना बोली-कर्ज से तंग आकर परिवार ने जहर खाया
व्यापारी रमेश गुप्ता की बड़ी बेटी रचना ने दम तोड़ने से पहले कहा-कर्ज से तंग आकर पूरे परिवार ने जहर खाया है। मेडिकल कालेज में जब रचना को होश आया तो उसने कई बार पानी मांगा। डाक्टरों को लगा कि अब वह कुछ कहना चाहेगी। डाक्टरों ने उससे बात करनी शुरू की। दम तोड़ने से पहले उसने बताया कि परिवार कर्ज से तंग आ गया था इसलिए सबने जहर खा लिया। यह बयान संकेत कर रहा है कि खुदकुशी करने में पूरे परिवार की रजामंदी थी। चूंकि घर छोटा होने की वजह से बड़ा बेटा रजत किराये का कमरा लेकर रहता है इसलिए उसे इस बात की खबर नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार के सदस्यों द्वारा आत्म हत्या किए जाने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवार को हर सम्भव मदद करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।
सूदखोरों के आतंक से तंग था पूरा परिवार
गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर । शहर के राजघाट थाना क्षेत्र अन्तर्गत हसनगंज मुहल्ले में एक की ही परिवार के पांच लोगों ने खुदकुशी कर बुराड़ी कांड की घटना की याद को ताजा कर दिया । हलांकि यह घटना तंत्र-मंत्र का नही बल्कि व्यापारिक घाटे व सूदखोरी से जुड़ा दिख रहा है। जहां व्यापारिक घाटे के बाद सूदखोरों से तंग परिवार ने खुदकुशी कर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। परिवार के मुखिया उनकी पत्नी, बेटे व बेटियों सहित पांच की मौत हुई । इस दर्दनाक घटना से पूरा शहर सहम उठा । मामले की जांच में पुलिस महकमा जुटा है ।
  राजघाट क्षेत्र के हसन गंज मोहल्ला निवासी रमेश गुप्ता 50 घी और तेल का कारोबार करते थे। इसके लिए उन्होंने बाजार और बैंक से कर्ज लिया था। परिवार और रिश्तेदारों के मुताबिक व्यापार में काफी नुकसान होने के चलते उन्होंने बाजार से सूद पर भी कर्ज लिया था। इसके पहले उन्होंने नमकीन का भी कारोबार किया था जो नुकसान के चलते बंद हो गया था। बैंक और सूदखोरों के दबाव के चलते रमेश गुप्ता काफी परेशान चल रहे थे। आए दिन दरवाजे पर आकर अपना रुपए वापस मांगने के लिए गाली गलौज भी करते थे। लोगों के मुताबिक अभी दो
दिन पहले भी सूदखोरों ने घर पर आकर काफी विवाद किया था। रोजाना की परेशानी से आजिज आकर रमेश ने परिवार के साथ खुदकुशी करने का फैसला कर लिया होगा।
पड़ोसियों के अनुसार रविवार की सुबह तकरीबन आठ बजे वह घर से निकल गए थे। इस दौरान उनके परिवार के लोग कमरे में ही थे। रमेश के जाने के बाद घर में किसी तरह की आहट ना होने पर मकान में ही नीचे के हिस्से में रहने वाले कमरे में गए तो कोई हरकत होती नहीं दिखाई दी। परिवार के लोगों ने ही पानी छिटका तो भी कोई होश में नहीं आया। इसके बाद उन्होंने आस-पास के लोगों को बुलाया तो मौके पर रमेश गुप्ता की पत्नी सरिता की मौत हो चुकी थी इसके अलावा बेटी पायल और बेटे आयुष की मौत हो चुकी थी। जबकि एक बेटी रचना की अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई । घटना की सूचना पर परिवार व रिश्तेदार के लोग सहित मुहल्ले की भारी भीड़ के साथ ही महापौर सीताराम जायसवाल व ग्रामीण विधायक विपीन सिंह भी मौके पर कुछ ही देर में पहुंच गए । सूचना पर पुलिस महकमा भी मौके पर जुट मामले की छानबीन में जुटी । सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह की देख-रेख में पुलिस टीम ने सभी शवों को कब्जें में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एसएसपी डा सुनील गुप्ता सहित पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया ।
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