मास्टर ब्लास्टर  के बेटे काटीम इंडिया में चयन होते ही उठने लगे थे सवाल, मिला ये करारा जवाब

पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन ने बीते दिनों अंडर-19 टीम इंडिया में जगह बनाई। जिसके बाद उनके चयन को लेकर कई सवाल उठने खड़े हो गए थे। सोशल मीडिया से लेकर आम फैंस तक दबी जुबां से मान रहे थे कि अर्जुन को सचिन तेंदुलकर का पुत्र होने का फायदा मिला है।

Arjun tendulkar coach atul gaikwad says dont go on surname of this young talent

अब अर्जुन के कोच ने आलोचकों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अर्जुन को उसकी मेहनत का फल मिला है। तेंदुलकर सरनेम का दबाव तो रहेगा ही, लेकिन मुझे उम्मीद है कि अर्जुन इसे अच्छी तरह से संभाल लेंगे। मैंने कभी भी अर्जुन को अपने पिता के नाम का फायदा उठाते नहीं देखा है। आप यह मत देखिए की वह किसका बेटा है। आप उसका खेल देखिए।’

अब अर्जुन के कोच ने आलोचकों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘अर्जुन को उसकी मेहनत का फल मिला है। तेंदुलकर सरनेम का दबाव तो रहेगा ही, लेकिन मुझे उम्मीद है कि अर्जुन इसे अच्छी तरह से संभाल लेंगे। मैंने कभी भी अर्जुन को अपने पिता के नाम का फायदा उठाते नहीं देखा है। आप यह मत देखिए की वह किसका बेटा है। आप उसका खेल देखिए।’

यहां यह बात गौर करने वाली है कि जिस उम्र (18 साल 8 महीने) में अर्जुन ने भारतीय अंडर-19 टीम में जगह बनाई है। उस उम्र में उनके पिता सचिन इंटरनेशनल क्रिकेट में लगभग 2 साल गुजार चुके थे। करियर की शुरुआत बल्लेबाज के रूप में करने वाले अर्जुन को शुरुआती सफर में ज्यादा सफलता नहीं मिली।

बेटे के करियर को संवारने के लिए सचिन ने अर्जुन से तेज गेंदबाजी करवानी शुरू की। अर्जुन को पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज सुब्रतो बनर्जी की देखरेख में गेंदबाजी के गुर सीखने के लिए भेजा। फिलहाल अर्जुन अतुल गायकवाड़ की देख-रेख में कोचिंग कर रहे हैं।

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