Aryan Khan Drugs Case: बिहार के मोतिहारी जेल से आर्यन का ड्रग्स कनेक्शन, दोस्तों ने उगले कई राज

अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का ड्रग्स से जुड़े मामले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। एनसीबी द्वारा आर्न खान के संपर्क विदेश में होने का दावे के बीच मुबंई पुलिस बिहार के मोतिहारी जिले से तस्करों को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। बताया जा रहा है कि आर्यन खान के ड्रग्स सप्लाई का तार बिहार के मोतिहारी जिले में बंद तस्करों से जुड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, मोतिहारी जेल में बंद तस्कर मुंबई के पूर्वी मलाड निवासी शिवशिक्त मंडल, अंबेडकर सागर निवासी मो. उस्मान शेख और मलाड पूर्वी के कुरार विलेज के रहने वाले सत्यवीर यादव, आनंदेश नगर अजाबाड़ा के विजय वंशी प्रसाद से NCB पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। केस के आईओ (Investigating Officer) चकिया थाना के दारोगा संदीप कुमार ने रविवार, 17 अक्टूबर को इसकी पुष्टि की है। दारोगा संदीप कुमार के मुताबिक, NCB की टीम इन्हे सात दिनों के रिमांड पर मुंबई ले जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। NCB और कांदीवली वेस्ट थाने की पुलिस टीम मोतिहारी में कैंप कर रही है।

नेपाल और महाराष्ट्र का ‘ड्रग्स’ कनेक्शनबताया जाता है कि क्रूज पर ड्रग्स पार्टी करते हुए शाहरुख खान के पुत्र आर्यन के साथ जिन आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, उनमें मोतिहारी जेल में बंद तस्कर विजय वंशी प्रसाद का एक रिश्तेदार भी है। पूछताछ के दौरान उसने विजय वंशी प्रसाद के ड्रग्स सप्लाइ के नेटवर्क नेपाल में होने की जानकारी दी। बता दें कि 19 सितंबर को मुजफ्फरपुर में नेपाल के तीन ड्रग्स सप्लायरों समेत छह लोगों को एक किलो चरस और 13 लाख कैश के साथ गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर पूर्वी चंपारण के चकिया टॉल प्लाजा के पास मुंबई के तस्कर विजय वंशी प्रसाद, उस्मान शेख, नेपाल के प्रकाश, सातविक, संजय और मुजफ्फरपुर के कटरा पहसौल के गौरव कुमार, बांसो कुमार और रुपेश शर्मा समेत 7-8 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। ये सभी लोग मपजफ्फरपुर के मोतिहारी जेल में बंद हैं।  

आर्यन के दोस्तों ने उगले कई राज

आर्यन के साथ क्रूज पर पकड़े गए लोगों ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि ड्रग्स सप्लायर का नेटवर्क नेपाल और उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कई तस्करों से जुड़ रहा है। महाराष्ट्र के मलाड वेस्ट के दीपक यादव उर्फ टार्जन उर्फ बाबा इस सिंडिकेट का सरगना है। दीपक यादव के लिए ही उस्मान, विजय, प्रकाश, सातविक, संजय, गौरव कुमार, बांसो कुमार और रुपेश शर्मा काम किया करते थे। नेपाल से ड्रग्स की तस्करी करने के बाद सभी लोग कार से सड़क मार्ग के जरिए इसे महाराष्ट्र तक पहुंचाते थे।

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