बहराइच : स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल, डॉक्टर के इंतजार में घंटो राह तकते मरीज

बहराइच l सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बेहाल है।स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिलने के कारण अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। है तो समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकिन मरीजों को सुविधाएं प्राथमिक का भी नहीं मिल पा रहा है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। डाक्टर समय से नहीं आते हैं। करीब तीन सौ ओपीडी होने के बावजूद 10 प्रतिशत मरीजों को भर्ती नहीं की जाती है। कर्मचारियों की कमी नही हैं बावजूद भी मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है सोमवार को दैनिक ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाएं देखी प्रस्तुत है आंखों देखी रिपोर्ट है।

समय 10 बजकर पांच मिनट हो गये थे अस्पताल पहुंचने पर पंजीकरण खिड़की पर पर्चा बनवाने के लिए मरीज खड़े हुए थे लेकिन खिड़की बंद थी यहां पर खड़े माधोपुर निवासी दिलीप शुक्ला सराय काजी निवासी फरीदुद्दीन वृद्धा आश्रम से आए सुरेश कुमार ने बताया समय होने के बावजूद भी पर्ची नहीं बन रहा है। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर नरेंद्र सिंह के ओपीडी कक्ष में ताला लटक रहा था अन्य चिकित्सकों की कुर्सी खाली पड़ी हुई थी 10 बजकर 12 मिनट पर डा.रंजन ओपीडी में पहुंचे मरीजों को देखना सुरु किया तभी डा. रमेश कुमार फोटो खींचने की जानकारी लेने पहुंच गये उन्होंने बताया कि अधीक्षक साहब का फोन आया है कोई फोटो खींच रहा है।

दवा वितरण काउंटर पर बैठे अजय कुमार दवा वितरण कर रहे थे पूछने पर उन्होंने बताया कि हम फार्मासिस्ट नहीं है ट्रेनिंग पर जीडीए से आए हैं।10 बजकर 20 मिनट पर् अधीक्षक डा. नरेन्द्र सिंह अस्पताल पहुंचे कोल्ड रूम गए कुछ लिखापढ़ी कर करीब 10 मिनट बाद ओपीडी पहुंचे मरीजों को देखना शुरू किया। इमरजेंसी वार्ड बेड पर एक वृद्ध लेटे हुए थे अस्पताल गेट के सामने फर्श पर एक वृद्ध महिला लेटी हुई थी पूछने पर बताया अपनी नातिन को लेकर आई है। दूसरी मंजिल पर सन्नाटा फैला हुआ था मुख्यमंत्री सुपोषण घर में एक भी बच्चे नहीं थे दूसरे कमरे में चार पांच बेड सीट फर्स पर पड़ी हुई थी अन्य सभी कमरे बंद मिले।

रसोई घर में लटकता रहता है ताला

मीटिंग हाल के बगल में मरीजों के लिए भोजन तैयार होने वाले रसोई घर में ताला लटकता मिला किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं थी।दवा लेने आया राम अचल ने बताया कि रसोई घर कभी खुलता नहीं है।

छह ओर गंदगी का अंबार

फखरपुर सीएससी अधीक्षक के ओपीडी कमरे के बगल में कूड़ा करकट पडा मिला एक कमरे में भी कूड़ा करकट से पटा हुआ था कमरे में कुछ कागजात फटे पड़े हुए थे।

बून्द बून्द पानी को तरसते तीमादार

अस्पताल परिसर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है मरीजों के पानी के लिए लगाई गई टोंटी के पास साफ सफाई नहीं की गई थी ।दवा लेने आते कुलदीप मिश्र ने बताया मरीजों के पेयजल की अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है।प्रसव कराने आते मरीज पानी बाहर से खरीद कर लाते हैं।

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