आदमपुर-रेवली तटबंध पर फिर शुरू हुआ बालू का खेल !

जिओ बैग की जगह लगायी गयी सीमेंट की बालू भरी बोरियाँ करोड़ो रुपयों के घोटाले की आ रही बू
डी एम साहब बाढ़ से बचाव कार्य मे अभी से उठ रही है उंगलियां ?
क़ुतुब अंसारी/अशोक सोनी
जरवल ( बहराइच ) पहाड़ी घाघरा नदी की बाढ़ से सैकडों गाँवो के लाखों लोगों को बचाने व उनकी फसलो की सुरक्षा के लिए सरकार ने आदमपुर- रेवली तटबंध को अर्सा पहले बनवा तो दिया गया था अब उसी तटबंध के रख रखाव पर सिचाई विभाग के साथ सफ़ेद पोश रसूकदार लोग प्रति वर्ष सफ़ेद बालू के रेत से सरकार के करोड़ों रुपए के बजट का खेल काफी समय से खेलते आ रहे हैं।जानकारों का कहना है कि पन्द्रह जून की समय सीमा बीत जाने  के बाद भी बाढ़ से बचाव के कार्य यहाँ काफी कुछ अधूरे ही है बावजूद इसके इस तटबंध पर कार्यदायी संस्था और सिचाई विभाग के इंजीनियरों की मिलीभगत ने कागजों में कार्य पूर्ण दिखा कर अभी से करोडों रुपयो के सरकारी धन को बालू के रेत से डकारे जाने की भी अभी से बूं आने लगी है।
अब केवल विभागीय लोगो को बरसात और घाघरा नदी मे  बाढ़ के पानी आने का इन्तजार है।वह भी इस लिए की बाढ़ व बचाव कार्य के अलावा तट बंध की सुरक्षा मे किया गया करोड़ो का खर्च घाघरा मईया की कृपा मे सब कुछ जल समाधि बन गई और सरकारी धन का बंदरबाँट होने मे कोई बाधा भी सामने न आवे का केवल इंतजार देखा जा रहा है।सूत्रों की माने तो घाघरा नदी की बाढ से कैसरगंज तहसील के सैकडो गावों के लाखों लोगों को बचाने के लिए 1982-84 मे आदमपुर रेवली तटबंध का निर्माण कराया गया था।
कैसरगंज तहसील के जरवल,कैसरगंज और फखरपुर विकास खण्ड के सैकडों गावों के लाखों लोगों को घाघरा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए शासन से प्रति वर्ष तटबंध की मरम्मत और कटान रोकने के लिए करोड़ों रुपए  सरकार बजट सिचाई विभाग को देती है ताकि तटबंध की सुरक्षा व बाढ़ के खतरों से बचा जा सके लेकिन विभागीय  इंजीनियरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से बाढ नियन्त्रण के लिए शासन द्वारा आवंटित करोड़ों रूपयों का बंदरबांट कर लिया जाता है। बताते चले आदमपुर- रेवली तटबंध के किमी 11.800 से 12.450 तक 650 मीटर घाघरा नदी की कटान रोकने के लिए 10.96 करोड रुपए का ठेका यूपीपीसीएल कम्पनी को दिया गया।कम्पनी ने इंजीनियरों की मिलीभगत से कागजों मे आधे अधूरे काम कराकर 8.67 करोड़ रुपये खर्च कर दिए और 31 मार्च तक 70% कार्य पूरा करना दिखा दिया की बात सामने आ रही है हकीकत क्या है जमीनी तौर पर जांच हो जाए तो वास्तविकता भी सामने आ सकती है इसी तटबंध के किमी 10.700 से 11.000 तक घाघरा नदी की कटान रोकने के लिए 5.59  करोड़ स्वीकृत किया गया।कार्यदायी संस्था ने सिंचाई विभाग के इंजीनियरों से मिलीभगत कर कागजों मे 3.86 करोड खर्च कर 70 % काम पूरा कर लेना दिखा दिया है।किमी 15.500 पर बने गाइड बांध को बचाने के लिए 600 मीटर तटबंध पर जियो बैग लगाने का कार्य कराया गया।कार्यदायी संस्था ने जियो बैग की जगह घटिया क्वालिटी की सीमेन्ट की बोरी लगवा दी,और बोरी मे रेत की जगह मिट्टी भरकर लगवा दी गयी ।जियो बैग की कीमत करीब 85 रुपए प्रति बैग है,वही सीमेन्ट की खाली बोरी की कीमत करीब चार रुपये प्रति बोरी है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने कार्यदाई संस्था की मिलीभगत कर मानक की अनदेखी कर करोडों रुपयों का घोटाला कर डाला उसकी भी बात इस समय कम चर्चा मे नही है
 जबकि टेण्डर के कार्यों को पूर्ण दिखा दिया है, जबकि हकीकत में कार्य धरातल पर आधा अधूरा ही कार्य होना बताया जा रहा है। चर्चा है कि सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और कार्रदायी संस्था करोड़ों रुपए सरकारी धन हड़पने की तैयारी जमीनी तौर पर पूरी कर चुका है।
दूसरी तरफ घाघरा नदी में  बाढ़ का पानी नदी के कटान के मुहाने पर आता दिखाई भी दे रहा है। दिकोलिया का सुंदरपुरवा गांव पर खतरा अभी से मंडराना शुरू है। ग्रामीणों को अभी से गांव के सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। गांव निवासी रमेश कुमार, सुरेश कुमार, पंकज, रिंकू, गुरुदीन ,बिंद्रा, लल्ला शिवप्रसाद तथा आदमपुर निवासी सौरभ पांडे, धर्मराज पांडे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुन्दरपुरवा गांव को नदी की कटान से बचाने की मांग की है,और करोड़ों रुपए के घोटाले में शामिल सिंचाई विभाग के इंजीनियरों और कार्यदाई संस्थाओं की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
सरकार के धन का हो रहा दुरुपयोग खराब हो रही छबि – पवन वर्मा
जरवल।वर्षो से जरवल विकास खण्ड के आदमपुर-रेवली तटबंध की सुरक्षा को लेकर हो रहे सरकार के करोड़ो रुपयो की बर्बादी व ज्यादातर जमीनी तौर पर कार्य न होने को लेकर भाजपा जरवल मण्डल के अध्यक्ष पवन वर्मा बगैर हिचक के कहते है कि सिचाई विभाग के गैर जिम्मेदार अधिकारी हर साल तट बंध की सुरक्षा को लेकर करोड़ो रुपया डकार जाते है जिसका श्री गनेश भी शुरू ही चुका है इसकी जानकारी जल्द ही सिचाई मंत्री व मा.मुख्यमंत्री जी के संज्ञान मे डाली जावेगी क्योकि ये लोग सरकार की छबि भी खराब कर रहे हैं अब एसा नही दिया जावेगा।
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