बांदा: पलायन समस्या का समाधान नहीं, युवाओं को खेती से जुड़ने का आह्वान

बांदा। तीन दिवसीय विशाल किसान मेला के दूसरे दिन बुंदेली किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया गया। जल शक्ति राज्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने किसानोंए युवाओं और आम लोगों से खेती से जुड़ने का आह्वान किया। बुंदेलखंड में खेती के विकास में विश्वविद्यालय द्वारा कराए जा रहे कार्यों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की जमकर सराहना की।

कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के कार्यों को सराहा गया

तीन दिवसीय किसान मेला के दूसरे दिन शुक्रवार को आयोजित प्राकृतिक कृषि.वर्तमान परिदृश्य एवं रणनीतियां विषयक तकनीकी कार्यशाला का उद्घाटन जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने किया। उन्होंने कहा कि खेती में अभिरूचि तथा बुंदेलखण्ड में जलवायु परिवर्तन के कारण पलायन शुरू हुआ है। पलायन रोकने को मोदी.योगी सरकारें हर संभव प्रयास कर रही है। प्राकृतिक खेती में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किया जा रहा कार्य काबिले तारीफ है। ललितपुरए महोबाए झाँसी तथा चित्रकूट के किसान लगभग प्राकृतिक विधि से ही खेती कर रहें हैं। विश्वविद्यालय कुलपति प्रोण्नरेंद्र प्रताप सिंह तथा निदेशक प्रसार डाण्एनके बाजपेयी ने भी किसानों को खेती.किसानी के गुर सिखाए।

तीन दिवसीय विशाल किसान मेला का समापन आज

मेला में आयोजित पशु प्रतियोगिता में विभिन्न नस्लों की बकरियांए बकरेए भेड़ एवं मुर्गे के साथ पालक शामिल हुए। कृषि प्रसार विभाग के स्नात्कोत्तर छात्रों द्वारा बनाया गया सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्र रहा। बकरी पालन कार्यशाला में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थानए मकदूम ;मथुराद्ध द्वारा आयोजित किया गया। अपेडा महाप्रबंधक वीके विद्यार्थी ने जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से जंगलोंए जानवरों एवं अन्य परिस्थितिक तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। इस मौके पर डाण्बीके गुप्ताए डाण्आरके सिंहए डाण्जगन्नाथ पाठकए डाण्दिनेश शाहएडाण्अमित सिंहए डाण्अजय सिंहए डाण्प्रिया अवस्थीए डाण्अमित मिश्राए डाण्अमित सिंहए केएस तोमरए डाण्महरूफ अहमदए प्रोण्जीएस पवार आदि उपस्थित रहे।

मॉडल गांव बनाने के लिए किसानों को दिखाई राह

बांदा। कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय किसान मेले में मॉडल गांव के बारे में किसानों को जागरूक किया गया। मेले में लगाए गए स्टॉल पर किसानों की भारी भीड़ रही। जिन्हें गांव को मॉडल बनाने के लिए 25 बिंदुओं की जानकारी दी गई। कृषि मेले में जहां सौ स्टाल लगाए गए थे वहीं मॉडल गांव संस्था द्वारा भी अपना स्टॉल लगाया गया। इस स्टाल के माध्यम से सचिन चौधरी और राघवेंद्र चौधरी ने किसानों को मॉडल गांव बनाने के लिए शपथ पत्र से संबंधित 25 बिंदुओं की जानकारी दी। इस दौरान किसानों ने डवकमसगांव की जानकारी हासिल करने के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

इस संबंध में संस्था द्वारा बताया गया कि गांव में विकास का एजेंडा विलेज मेनिफेस्टो के माध्यम से गांव के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रही है। वही किसान मेले के माध्यम से किसानों को मॉडल गांव बनाने के लिए बिंदुवार जानकारी दी गई ताकि मॉडल गांव बनाने के उद्देश्य से गांव का विकास कर सके। संस्था ने बताया कि हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा गांव में डवकमस गांव तैयार करना है इसके लिए विलेज चेंज मेकर भी तैयार किए जाएंगे जो राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने का काम करेंगे।

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